
📰 खबर सत्यवार्तासंवाददाता:
अल्मोड़ा। युवा कांग्रेस नेता एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य गोपाल भट्ट ने केंद्र की भाजपा सरकार पर महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोला है। जारी बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण के नाम पर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार देश की महिलाओं के साथ “खुला धोखा” कर रही है।गोपाल भट्ट ने कहा कि भाजपा की नीयत शुरू से ही महिला आरक्षण लागू करने की नहीं रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर इस मुद्दे को परिसीमन से जोड़कर इसे लटकाने की साजिश रची है, ताकि वास्तविक रूप से महिलाओं को उनका अधिकार न मिल सके।उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने वर्ष 2023 में महिला आरक्षण बिल का पूरा समर्थन करते हुए इसे संसद से पास करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे लागू करने के बजाय एक “राजनीतिक जुमला” बनाकर रख दिया है।भट्ट ने आगे कहा कि केंद्र सरकार पहले महिला आरक्षण के नाम पर वाहवाही लूटना चाहती थी, लेकिन विपक्ष ने उनकी इस रणनीति को बेनकाब कर दिया। अब देश की जनता समझ चुकी है कि सरकार केवल घोषणाएं करती है, जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाती।उन्होंने भाजपा सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उसमें जरा भी ईमानदारी है, तो तत्काल निर्णय लेते हुए लोकसभा की सभी 543 सीटों पर महिला आरक्षण लागू किया जाए। साथ ही उत्तराखंड की 70 विधानसभा सीटों में भी महिलाओं को आरक्षण दिया जाए।इसके अलावा उन्होंने मांग की कि परिसीमन की प्रक्रिया को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि परिसीमन नई जनगणना के आधार पर हो और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में भौगोलिक परिस्थितियों एवं क्षेत्रफल को ध्यान में रखते हुए ही इसे लागू किया जाए।भट्ट ने अंत में कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल भाषणों से नहीं, बल्कि ठोस नीतियों और समयबद्ध निर्णयों से ही संभव है।



