नो पार्किंग में खड़े वाहन, बिना हेलमेट घूमते पुलिसकर्मी; जनता में बढ़ रहा आक्रोश
अल्मोड़ा। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में यातायात नियमों के पालन को लेकर आम जनता पर सख्ती दिखाने वाली पुलिस खुद नियमों की धज्जियां उड़ाती नजर आ रही है। जिन पुलिसकर्मियों का दायित्व लोगों को सड़क सुरक्षा का पाठ पढ़ाना है, वही खुलेआम यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। इससे आम लोगों के बीच पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
शहर के विभिन्न हिस्सों में पुलिस द्वारा नो पार्किंग जोन घोषित किए गए हैं। इन स्थानों पर नियम तोड़ने वाले आम नागरिकों के चालान काटे जाते हैं, लेकिन विडंबना यह है कि इन्हीं नो पार्किंग जोन में पुलिस विभाग के वाहन घंटों खड़े दिखाई देते हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि इन वाहनों पर कार्रवाई करने वाला कोई नजर नहीं आता।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब आम जनता नो पार्किंग में वाहन खड़ा करती है तो तुरंत चालान काट दिया जाता है, लेकिन पुलिस के वाहनों के लिए नियम मानो बदल जाते हैं। इससे न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है बल्कि लोगों में कानून के प्रति सम्मान भी कम होता है।
मालरोड, चौघानपाटा और अन्य व्यस्त मार्गों पर कई पुलिसकर्मी बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाते देखे जा सकते हैं। कुछ मामलों में चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट का प्रयोग भी नहीं किया जाता। जबकि यही पुलिसकर्मी आम नागरिकों को हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनने पर हजारों रुपये का चालान थमाते हैं।
स्थानीय युवाओं का कहना है कि पुलिस का यह दोहरा रवैया समझ से परे है। एक ओर जनता को नियमों का पालन करने की नसीहत दी जाती है और दूसरी ओर खुद उन्हीं नियमों की खुलेआम अनदेखी की जाती है। यदि कानून सबके लिए बराबर है तो पुलिस पर भी वही नियम लागू होने चाहिए जो आम नागरिकों पर लागू होते हैं।
छात्रों ने भी आरोप लगाया है कि स्कूल समय के दौरान कई ट्रैफिक कर्मी सड़क पर यातायात संचालन करने के बजाय वाहनों में बैठकर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते दिखाई देते हैं। इससे स्कूल आने-जाने वाले बच्चों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

सामाजिक संगठनों का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल चालान काटने का विषय नहीं है, बल्कि उदाहरण प्रस्तुत करने का भी विषय है। जब कानून लागू करने वाली एजेंसी ही नियमों का पालन नहीं करेगी तो आम जनता से बेहतर व्यवहार की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
लोगों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि नियमों के उल्लंघन में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए ताकि जनता के बीच यह संदेश जाए कि कानून सबके लिए समान है। फिलहाल शहर में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा और असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।






