अल्मोड़ा। नगर के भैरव मंदिर क्षेत्र में शनिवार शाम लगभग चार बजे एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब एक तेज रफ्तार वाहन ने सड़क किनारे मौजूद एक गोवंश को टक्कर मार दी। हादसे में गोवंश गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके शरीर से काफी रक्तस्राव होने लगा। घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया, जबकि घायल गोवंश दर्द से तड़पता रहा।
घटना को देख स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन चालक ने टक्कर मारने के बाद न तो रुकने की कोशिश की और न ही घायल पशु की कोई सुध ली। इससे क्षेत्रवासियों में नाराजगी व्याप्त हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पार्षद मीरा मिश्रा तथा भारतीय जनता युवा मोर्चा की मंत्री दिव्या जोशी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने स्थानीय नागरिकों के सहयोग से घायल गोवंश की तत्काल मरहम-पट्टी करवाई और उसे राहत पहुंचाने का प्रयास किया। दोनों जनप्रतिनिधियों ने मानवता का परिचय देते हुए पशु के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की।
स्थानीय लोगों ने घायल गोवंश को सड़क से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया तथा प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। लोगों का कहना था कि यदि समय रहते उपचार नहीं मिलता तो गोवंश की स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती थी।
घटना की सूचना नगर निगम को भी दी गई। सूचना मिलते ही नगर निगम के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घायल पशु की देखरेख में सहयोग किया। नगर निगम कर्मचारियों ने पशु के आगे के उपचार के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
पार्षद मीरा मिश्रा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले बेसहारा पशुओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के जिम्मेदार वाहन चालक की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
वहीं भाजपा युवा मोर्चा मंत्री दिव्या जोशी ने कहा कि शहर में आवारा पशुओं की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था की आवश्यकता है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि लापरवाह वाहन चालकों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ाने तथा तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि आए दिन होने वाली ऐसी घटनाएं न केवल पशुओं बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनती जा रही हैं।
मानवता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए स्थानीय लोगों ने जिस प्रकार घायल गोवंश की सहायता की, वह समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि मूक पशुओं की रक्षा और देखभाल समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
फिलहाल घायल गोवंश की हालत में सुधार बताया जा रहा है और उसके उपचार की व्यवस्था जारी है।




