अल्मोड़ा। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ युवा नेता एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भारतीय जनता युवा मोर्चा उत्तराखण्ड कुन्दन लटवाल को उत्तराखण्ड राज्य युवा कल्याण सलाहकार परिषद का उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति को संगठनात्मक अनुभव, छात्र राजनीति में सक्रिय भूमिका तथा युवाओं के बीच लंबे समय से किए गए कार्यों का सम्मान माना जा रहा है।
नियुक्ति के बाद कुन्दन लटवाल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा उन पर जताया गया विश्वास उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि वे प्रदेश के युवाओं की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे तथा युवा कल्याण से जुड़ी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।
अल्मोड़ा जनपद के लोधिया निवासी कुन्दन लटवाल का सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से प्रारंभ हुआ। वर्ष 1997 में स्वयंसेवक के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले लटवाल ने संघ और विद्यार्थी परिषद के विभिन्न प्रशिक्षण वर्गों में भाग लेकर संगठनात्मक कौशल विकसित किया। उन्होंने 2004 में प्राथमिक संघ शिक्षा वर्ग, 2008 में संघ शिक्षा वर्ग प्रथम वर्ष तथा 2010 में संघ शिक्षा वर्ग द्वितीय वर्ष का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में उन्होंने नगर मंत्री, सह जिला संयोजक, जिला संयोजक, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य तथा प्रदेश सह मंत्री जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। संगठन में उनकी सक्रियता और नेतृत्व क्षमता के कारण उन्हें युवाओं के बीच विशेष पहचान मिली।
छात्र राजनीति में भी कुन्दन लटवाल का सफर उल्लेखनीय रहा है। वर्ष 2004-05 में वे एसएसजे कैंपस अल्मोड़ा के उपाध्यक्ष निर्विरोध चुने गए। इसके बाद वर्ष 2006-07 में छात्रसंघ अध्यक्ष बने। वर्ष 2007-08 में कुमाऊँ विश्वविद्यालय छात्र महासंघ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2008 में कुमाऊँ विश्वविद्यालय घेराव कार्यक्रम के संयोजक के रूप में उन्होंने छात्र हितों के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार विद्यार्थी परिषद के विभिन्न छात्रसंघ चुनावों में उनकी रणनीतिक भूमिका ने संगठन को मजबूत आधार प्रदान किया। बताया जाता है कि 12 छात्रसंघ अध्यक्षों को चुनाव जिताने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सामाजिक क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। वर्ष 2009 से 2013 तक वे राजकीय इंटर कॉलेज लोधिया में अभिभावक संघ के अध्यक्ष रहे। इस दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए अनेक पहल कीं।
पंचायती राज संस्थाओं में भी कुन्दन लटवाल ने सक्रिय भूमिका निभाई। वर्ष 2008 से 2013 तक वे जिला पंचायत सदस्य खत्याड़ी क्षेत्र से निर्वाचित रहे। इस दौरान उन्हें जिला पंचायत अल्मोड़ा की निर्माण समिति का अध्यक्ष बनाया गया। उन्होंने विकास कार्यों की निगरानी तथा आधारभूत संरचनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वर्ष 2010 में आई भीषण आपदा के दौरान राहत और बचाव कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी को आज भी याद किया जाता है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने और लोगों की सहायता के लिए उन्होंने स्वयं मैदान में उतरकर कार्य किया।
भारतीय जनता युवा मोर्चा में उनका राजनीतिक सफर लगातार आगे बढ़ता रहा। वर्ष 2011 में वे जिला महामंत्री बने। वर्ष 2013 में उन्हें प्रदेश संयोजक (विधि) की जिम्मेदारी मिली। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में नैनीताल संसदीय क्षेत्र के प्रभारी के रूप में उन्होंने संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाईं।
राष्ट्रीय स्तर पर भी उन्हें कई महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए। हरियाणा विधानसभा चुनाव में भिवानी सीट के सह प्रभारी के रूप में कार्य किया। उत्तराखण्ड में स्थानीय युवाओं को रोजगार में 70 प्रतिशत आरक्षण दिलाने की मांग को लेकर हुए सिडकुल घेराव आंदोलन में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वर्ष 2016 में कुन्दन लटवाल को भारतीय जनता युवा मोर्चा उत्तराखण्ड का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। उनके नेतृत्व में युवा मोर्चा ने अनेक संगठनात्मक और जनहित कार्यक्रम संचालित किए। वर्ष 2018 में तमिलनाडु विधानसभा घेराव कार्यक्रम में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई।
वर्ष 2019 में पश्चिम बंगाल के बहरामपुर लोकसभा क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में चुनावी रणनीति और संगठनात्मक कार्यों में योगदान दिया। इसी वर्ष केरल में कार्यकर्ताओं पर हुए हमलों के विरोध में आयोजित 14 किलोमीटर पदयात्रा में भी उन्होंने भाग लिया।
वर्ष 2020 में उन्हें दूसरी बार प्रदेश अध्यक्ष भारतीय जनता युवा मोर्चा का दायित्व सौंपा गया। वर्तमान में वे भाजपा उत्तराखण्ड की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य के रूप में संगठन को मजबूत बनाने का कार्य कर रहे हैं।
शैक्षणिक दृष्टि से भी कुन्दन लटवाल का व्यक्तित्व बहुआयामी है। उन्होंने एलएलबी, एमएससी, एमएड, एमए शिक्षा शास्त्र, यू-सेट तथा पत्रकारिता की शिक्षा प्राप्त की है। उनकी शैक्षणिक उपलब्धियां युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
उनकी नियुक्ति पर भाजपा कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों तथा क्षेत्रीय जनता ने प्रसन्नता व्यक्त की है। लोगों का मानना है कि युवा नेतृत्व और संगठनात्मक अनुभव के कारण वे प्रदेश के युवाओं की आकांक्षाओं को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सफल होंगे।
उत्तराखण्ड राज्य युवा कल्याण सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) के रूप में उनकी नियुक्ति को प्रदेश के युवाओं के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि उनके अनुभव और नेतृत्व का लाभ राज्य के युवा वर्ग को मिलेगा तथा युवा कल्याण योजनाओं को नई दिशा प्राप्त होगी। :::
युवा नेतृत्व को मिला सम्मान: कुन्दन लटवाल बने उत्तराखण्ड राज्य युवा कल्याण सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री)
Leave a Comment
Leave a Comment



