शोभायात्रा, देवी अवतरण और लोक संस्कृति के रंग होंगे मुख्य आकर्षण, मुख्यमंत्री से उद्घाटन कराने के प्रयास
अल्मोड़ा।
उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति और लोक परंपरा के प्रतीक ऐतिहासिक मां नंदा देवी महोत्सव-2026 का आयोजन इस वर्ष 15 से 23 सितंबर तक किया जाएगा। महोत्सव का समापन 23 सितंबर को मां नंदा-सुनंदा की भव्य शोभायात्रा एवं विसर्जन के साथ होगा, जबकि 19 सितंबर को नंदाष्टमी का पर्व धार्मिक विधि-विधान और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। इसकी जानकारी समिति के सचिव मनोज सनवाल ने दी।
समिति अध्यक्ष मनोज वर्मा ने बताया कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिवर्ष इस ऐतिहासिक मेले में पहुंचकर मां नंदा-सुनंदा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष महोत्सव का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही वर्ष 2025 की तरह इस बार भी नंदाष्टमी पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने की उम्मीद जताई गई।
समिति के अनुसार महोत्सव में कुमाऊं एवं गढ़वाल के सांस्कृतिक दल लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करेंगे। देवी अवतरण की प्राचीन परंपरा भी इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण रहेगी।
मुख्य संयोजक तारा जोशी ने बताया कि पहली बार कुमाऊं के पारंपरिक लोक वाद्य यंत्रों की सामूहिक प्रस्तुति आयोजित की जाएगी, जिससे नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
समिति ने मंदिर माला परियोजना के तहत मंदिर परिसर में चल रहे सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों पर राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। सचिव मनोज सनवाल ने प्रदेश सहित देश-विदेश के श्रद्धालुओं से महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता करने की अपील की।



