अल्मोड़ा। विकासखंड हवालबाग जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने प्रधानमंत्री को भेजे ज्ञापन में केवल टीईटी अनिवार्यता का मुद्दा ही नहीं उठाया, बल्कि शिक्षकों से जुड़ी कई अन्य लंबित समस्याओं और मांगों को भी प्रमुखता से रखा। संघ ने शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति, पेंशन और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सरकार से ठोस नीति बनाने की मांग की है।
शिक्षक संघ ने कहा कि प्रदेश के प्रारंभिक और जूनियर हाईस्कूल शिक्षकों को पूरे सेवाकाल में तीन पदोन्नतियां सुनिश्चित की जानी चाहिए। संघ का कहना है कि लंबे समय तक एक ही पद पर कार्य करने से शिक्षकों में निराशा बढ़ती है और उनकी कार्यक्षमता प्रभावित होती है। इसलिए कार्मिक एवं सतर्कता विभाग के आदेशों के अनुरूप पदोन्नति व्यवस्था लागू की जाए।
संघ ने जूनियर हाईस्कूलों में अंग्रेजी विषय का पांचवां पद सृजित करने की भी मांग उठाई। शिक्षकों का कहना है कि वर्तमान समय में अंग्रेजी शिक्षा की आवश्यकता बढ़ी है, लेकिन अधिकांश विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रस्ताव पहले ही शासन को भेजा जा चुका है और अब सरकार को शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।
ज्ञापन में पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। शिक्षक संघ ने कहा कि वर्ष 2005 में जारी एक ही विज्ञप्ति के आधार पर नियुक्त कुछ जिलों के शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया गया, जबकि अन्य जिलों के शिक्षक अब भी इससे वंचित हैं। संघ ने मांग की कि समान विज्ञप्ति के आधार पर नियुक्त सभी शिक्षकों को समान रूप से पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलना चाहिए।
शिक्षकों ने यह भी मांग की कि प्रारंभिक एवं जूनियर हाईस्कूल शिक्षकों को भी माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की तरह एक बार अंतरजनपदीय स्थानांतरण की सुविधा प्रदान की जाए। उनका कहना है कि कई शिक्षक वर्षों से दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत हैं और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण स्थानांतरण की आवश्यकता महसूस करते हैं।
इसके अलावा सातवें वेतनमान के बाद चयन प्रोन्नत वेतनमान लागू करने तथा पदोन्नति पर अतिरिक्त वेतन वृद्धि दिए जाने की मांग भी उठाई गई। संघ ने कहा कि इससे शिक्षकों को आर्थिक राहत मिलेगी और उनकी सेवाओं का उचित सम्मान होगा।
ज्ञापन में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। संघ ने राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अंतर्गत शिक्षकों और कर्मचारियों को केंद्र सरकार के समान निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। शिक्षकों का कहना है कि दुर्गम क्षेत्रों में कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा अत्यंत आवश्यक है।
विद्यालयी खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन हेतु भी पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने की मांग की गई। संघ ने कहा कि संकुल, विकासखंड और जनपद स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं के लिए पर्याप्त धनराशि नहीं मिल पाने से ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।
इसके अलावा समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए उपशिक्षा अधिकारियों को आहरण-वितरण अधिकारी नियुक्त करने की मांग भी रखी गई। शिक्षक संघ का कहना है कि इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी।
संघ ने सरकार से आग्रह किया कि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान केवल आश्वासन तक सीमित न रहे, बल्कि व्यावहारिक और समयबद्ध निर्णय लिए जाएं। शिक्षकों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए शिक्षकों का मनोबल मजबूत होना आवश्यक है और इसके लिए उनकी लंबित मांगों का समाधान बेहद जरूरी है।



