अल्मोड़ा। माँ अम्बे इंस्टीट्यूट में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय नर्सेज दिवस समारोह में नर्सिंग सेवा के महत्व और स्वास्थ्य क्षेत्र में नर्सों की भूमिका को प्रमुखता से रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनका योगदान समाज कभी नहीं भूल सकता।
समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। स्वागत नृत्य, समूह गीत और नर्सिंग सेवा पर आधारित लघु नाटिका कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। विद्यार्थियों ने मंचन के माध्यम से दिखाया कि किस प्रकार नर्सें मरीजों की सेवा में अपना दिन-रात समर्पित कर देती हैं।
कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने कहा कि नर्सिंग क्षेत्र केवल रोजगार का माध्यम नहीं बल्कि मानव सेवा का सबसे बड़ा उदाहरण है। मुख्य अतिथि प्रेमलता ने कहा कि एक नर्स मरीज को केवल दवा ही नहीं देती, बल्कि उसे मानसिक सहारा और विश्वास भी प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि किसी भी अस्पताल की कार्यप्रणाली नर्सों के बिना अधूरी है।
वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी मीनाक्षी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नर्सिंग पेशे में धैर्य, अनुशासन और सहनशीलता सबसे जरूरी गुण हैं। उन्होंने कहा कि एक अच्छी नर्स वही होती है जो मरीजों के दर्द को समझते हुए संवेदनशीलता के साथ सेवा करे।
एकता और सुरजीत कौर ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान पूरी दुनिया ने नर्सों के समर्पण और साहस को देखा। विषम परिस्थितियों में भी नर्सों ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर मानवता की मिसाल पेश की।
संस्थान के चेयरमैन ठाकुर संदीप सिंह ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं बल्कि ऐसे स्वास्थ्य कर्मी तैयार करना है जो समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के साथ मानवीय मूल्यों को भी अपने जीवन में अपनाएं।
वाइस चेयरपर्सन डॉ. प्रीती पाल ने कहा कि नर्सिंग पेशा महिलाओं के लिए ही नहीं बल्कि युवाओं के लिए भी बेहतर करियर विकल्प बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश और विदेशों में प्रशिक्षित नर्सों की मांग लगातार बढ़ रही है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जीवन और योगदान पर आधारित विशेष प्रस्तुति भी दी। इस दौरान नर्सिंग क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया।
इस अवसर पर चम्पा कनवाल, संस्थान के समस्त शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ किया गया।



