न्यूनतम वेतन से कम भुगतान, पीएफ-ईएसआई में भारी अनियमितताओं के आरोप; कर्मचारियों ने विभाग और ठेकेदारों के खिलाफ खोला मोर्चा
अल्मोड़ा। भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) अल्मोड़ा में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने विभागीय कार्यप्रणाली और ठेकेदारों पर गंभीर आरोप लगाते हुए खुलकर विरोध शुरू कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि विभाग द्वारा नए कांट्रैक्ट जारी किए जाने के बावजूद श्रमिकों को न्यूनतम वेतन तक नहीं दिया जा रहा, जबकि कई कर्मचारियों का पिछले नौ महीनों से वेतन तक लंबित पड़ा हुआ है। लगातार हो रही अनदेखी और आर्थिक शोषण से कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है।
कर्मचारियों के अनुसार बीएसएनएल विभाग द्वारा जारी टेंडर दस्तावेजों में न्यूनतम दैनिक वेतन 522.52 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त ईएसआई मद में 16.98 रुपये प्रतिदिन तथा भविष्य निधि (पीएफ) मद में 67.92 रुपये प्रतिदिन का प्रावधान भी किया गया है। दस्तावेजों के अनुसार कर्मचारियों के लिए महीने में 26 कार्य दिवस तय किए गए हैं। इसके बावजूद ठेकेदार कर्मचारियों को मात्र लगभग 9000 रुपये मासिक भुगतान कर रहे हैं, जो सीधे तौर पर न्यूनतम वेतन अधिनियम और श्रम कानूनों का उल्लंघन माना जा रहा है।
बीटीएस कार्यों से जुड़े कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि संबंधित ठेकेदार द्वारा पिछले लगभग नौ महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया गया। कर्मचारियों का कहना है कि वे कई बार विभागीय अधिकारियों से मिले, लेकिन किसी अधिकारी ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया। कर्मचारियों ने बताया कि अधिकारियों से मिलने के लिए बार-बार प्रयास किए गए, लेकिन हर बार केवल आश्वासन देकर उन्हें वापस भेज दिया गया।
कर्मचारियों का आरोप है कि ठेकेदार लगातार यह कहकर मामला टाल रहा है कि “जल्द भुगतान कर दिया जाएगा”, लेकिन महीनों बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों के सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है। बच्चों की फीस, घर का खर्च और दैनिक जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। कई कर्मचारी कर्ज लेकर जीवनयापन करने को मजबूर हैं।
मामले में पुराने ठेकेदारों — जय श्री राम और मोहन मशीनरी फर्म — पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इन फर्मों द्वारा आज तक कर्मचारियों का पीएफ जमा नहीं किया गया। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि उनके भविष्य की सामाजिक सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया गया है। वहीं ईएसआई सुविधा का भी पूर्ण लाभ कर्मचारियों को नहीं मिल रहा। कई कर्मचारियों ने कहा कि बीमारी या आपात स्थिति में भी वे ईएसआई का लाभ नहीं ले पा रहे क्योंकि रिकॉर्ड अपडेट नहीं किए गए।
🔥 BSNL अल्मोड़ा में कर्मचारियों का फूटा गुस्सा!
❌ 9 महीने से वेतन लंबित
❌ न्यूनतम वेतन से कम भुगतान
❌ PF-ESI में भारी अनियमितताओं के आरोप
आखिर कब मिलेगा कर्मचारियों को न्याय?
देखिए ग्राउंड रिपोर्ट और कर्मचारियों का बड़ा खुलासा।
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कर्मचारियों का कहना है कि जहां राज्य और केंद्र सरकार संविदा कर्मियों के वेतन में वृद्धि कर रही हैं, वहीं बीएसएनएल में आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन में हर वर्ष कटौती की जा रही है। इससे कर्मचारियों में असुरक्षा और निराशा का माहौल बन गया है। उनका कहना है कि लगातार वेतन कटौती और भुगतान में देरी के कारण उनका मनोबल टूट चुका है।
सबसे गंभीर तथ्य यह है कि अप्रैल 2026 का वेतन भी 22 मई 2026 तक कर्मचारियों को नहीं मिला था। कर्मचारियों ने कहा कि वे समय पर काम करते हैं, लेकिन वेतन पाने के लिए अधिकारियों और ठेकेदारों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
कर्मचारियों ने मांग की है कि विभाग तत्काल हस्तक्षेप कर लंबित वेतन का भुगतान सुनिश्चित करे, न्यूनतम वेतन अधिनियम का पालन कराया जाए तथा पीएफ और ईएसआई में हुई अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।



