अल्मोड़ा में पर्यटन सीजन और बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए जनपद पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त अभियान तेज कर दिया है। चंद्रशेखर घोडके के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” अभियान के तहत जिलेभर में व्यापक चेकिंग अभियान चलाकर नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान अवैध काली फिल्म लगे वाहन, रेट्रो साइलेंसर का प्रयोग करने वाले दोपहिया वाहन तथा रैश ड्राइविंग करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कदम उठाए।
अभियान अपर पुलिस अधीक्षक हरबन्स सिंह के मार्गदर्शन तथा सीओ अल्मोड़ा एवं यातायात प्रभारी बलवंत सिंह रावत के पर्यवेक्षण में संचालित किया गया। जनपद के सभी थाना, चौकी और यातायात पुलिस टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से सघन चेकिंग अभियान चलाया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पर्यटन सीजन के दौरान बाहरी वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी होती है, जिससे यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसे में नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालक न केवल अपनी बल्कि अन्य लोगों की सुरक्षा को भी खतरे में डालते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने शहर के मुख्य बाजारों, राष्ट्रीय राजमार्गों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष चेकिंग अभियान संचालित किया।
अभियान के दौरान कोतवाली रानीखेत पुलिस ने दो वाहनों में लगी अवैध काली फिल्म हटवाई, जबकि थाना भतरौजखान पुलिस ने एक वाहन और यातायात पुलिस ने एक अन्य वाहन से काली फिल्म उतरवाई। कुल चार कारों में अवैध रूप से लगी काली फिल्म को मौके पर हटाकर संबंधित वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वाहनों में अवैध काली फिल्म लगाने से सुरक्षा संबंधी खतरे बढ़ जाते हैं और अपराध नियंत्रण में भी कठिनाई आती है। सुप्रीम कोर्ट एवं यातायात नियमों के अनुसार निर्धारित सीमा से अधिक काली फिल्म का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कई वाहन चालक नियमों की अनदेखी करते हुए वाहनों में गहरी काली फिल्म का उपयोग कर रहे हैं।
यातायात पुलिस की कार्रवाई के दौरान दो मोटरसाइकिलों में रेट्रो साइलेंसर लगाए गए पाए गए। पुलिस ने दोनों वाहनों को सीज कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि रेट्रो साइलेंसर के कारण अत्यधिक तेज आवाज निकलती है, जिससे ध्वनि प्रदूषण फैलता है और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। विशेषकर अस्पताल, स्कूल और रिहायशी क्षेत्रों में इस प्रकार की आवाज लोगों के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि रेट्रो साइलेंसर का उपयोग कई बार युवाओं द्वारा दिखावे और स्टंट के उद्देश्य से किया जाता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी कारण ऐसे वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
अभियान के दौरान तेज गति और खतरनाक तरीके से वाहन चला रहे दो वाहनों को भी पुलिस ने सीज किया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि रैश ड्राइविंग सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण बनती जा रही है। कई बार तेज गति और लापरवाही के कारण निर्दोष लोगों की जान जोखिम में पड़ जाती है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पूरे जनपद में चलाए गए इस संयुक्त अभियान के दौरान कुल 96 वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत चालानी कार्रवाई की गई। पुलिस ने सीट बेल्ट न लगाने, बिना हेलमेट वाहन चलाने, ओवरस्पीडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाने और दस्तावेजों की कमी जैसे मामलों में भी कार्रवाई की।
अल्मोड़ा पुलिस ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल चालान करना नहीं बल्कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक बनाना है। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सभी नागरिकों का सहयोग बेहद जरूरी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा सड़क पर अनुशासन बनाए रखें।
पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी कि भविष्य में भी “ऑपरेशन प्रहार” के तहत इसी प्रकार लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।



