मनीष कुमार ने आगामी मानसून सीजन को देखते हुए टनकपुर-बनबसा क्षेत्र में संभावित आपदाओं और जलभराव की समस्याओं को लेकर प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय टनकपुर में आयोजित जनमिलन कार्यक्रम में क्षेत्र के ग्राम प्रधानों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने विभिन्न समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं, जिन पर जिलाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए।
जनमिलन कार्यक्रम में मनिहारगोठ, उचौलीगोठ, ज्ञानखेड़ा, नौलापानी, थपलियालखेड़ा और पचपकरिया सहित कई ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों ने जलभराव, नालियों की सफाई, पुलियों के अवरुद्ध होने, सड़क क्षति, सिंचाई व्यवस्था, चेकडैम निर्माण तथा सुरक्षात्मक कार्यों से संबंधित समस्याएं प्रमुखता से उठाईं। जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून के दौरान किसी भी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति नहीं बनने दी जाएगी और सभी संवेदनशील स्थानों पर पहले से तैयारियां सुनिश्चित की जाएंगी।
ग्राम प्रधान मनिहारगोठ द्वारा क्षेत्र में जल निकासी की गंभीर समस्या उठाए जाने पर जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग एवं खंड विकास अधिकारी को तत्काल संयुक्त निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को भी निर्देशित किया कि सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग कर प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने स्पष्ट कहा कि आपदा प्रबंधन केवल औपचारिकता नहीं बल्कि जनसुरक्षा से जुड़ा विषय है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि मानसून से पहले नालियों, पुलियों और जल निकासी मार्गों की सफाई हर हाल में पूरी कर ली जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जवाबदेही तय की जाएगी।
उचौलीगोठ क्षेत्र के ग्राम प्रधान द्वारा ह्यूम पाइप की मांग रखे जाने पर जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को प्राथमिकता के आधार पर पाइप उपलब्ध कराते हुए आवश्यक निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान ग्रामीण संपर्क मार्ग बाधित नहीं होने चाहिए और जल निकासी व्यवस्था सुचारु रहनी चाहिए।
मनिहारगोठ एवं ज्ञानखेड़ा क्षेत्र में नालियों और पुलियों के अवरुद्ध होने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने तत्काल जेसीबी मशीन भेजकर सफाई कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात से पहले सभी संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर कमजोर बिंदुओं की पहचान की जाए और समय रहते समाधान किया जाए।
इस दौरान ग्राम प्रधान डांडा मल्ला ने ग्रामीण युवाओं के लिए ओपन जिम स्थापित करने की मांग रखी। इस पर जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी एवं जिला युवा कल्याण अधिकारी को प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं के लिए खेल एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं बढ़ाना भी प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल है।
प्रधान नौलापानी द्वारा चेकडैम निर्माण की मांग उठाए जाने पर जिलाधिकारी ने मुख्य कृषि अधिकारी को सारा योजना के अंतर्गत प्राथमिकता से प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं पचपकरिया क्षेत्र में लगभग 800 मीटर लंबे मार्ग पर जलभराव की समस्या की शिकायत पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
थपलियालखेड़ा क्षेत्र में संभावित कटाव रोकने के लिए वायरक्रेट लगाने की मांग भी जनमिलन कार्यक्रम में प्रमुखता से उठाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को सुरक्षा कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कटाव प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है, इसलिए सभी सुरक्षात्मक कार्य समय से पूरे किए जाएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि टनकपुर-बनबसा क्षेत्र में मानसून के दौरान आपदा की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और राहत एवं बचाव से जुड़े संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि दीपक रजवार, खंड विकास अधिकारी अशोक अधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, सहायक अभियंता सिंचाई मनोज तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।



