
📰 खबर सत्यवार्ता
संवाददाता
अल्मोड़ा। जनपद अल्मोड़ा के चौखुटिया विकासखंड अंतर्गत खनूली गांव निवासी हरीश चंद्र उपाध्याय के संयुक्त महानिदेशक (विदेश व्यापार) पद पर पदोन्नत होने से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का वातावरण व्याप्त है। स्वर्गीय कैलाश चंद्र उपाध्याय के सुपुत्र हरीश चंद्र उपाध्याय ने अपनी कड़ी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है, जिससे न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन हुआ है।
श्री उपाध्याय ने भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) में इस प्रतिष्ठित पद का कार्यभार संभाल लिया है। केंद्रीय सेवा पदोन्नति के तहत 13 अप्रैल को राष्ट्रपति भवन से जारी सूची में उनका नाम शामिल किया गया था। इस उपलब्धि को क्षेत्रवासियों ने अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण बताया है।
खनूली जैसे छोटे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर देश के उच्च प्रशासनिक पद तक पहुंचना निश्चित रूप से प्रेरणादायक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हरीश चंद्र उपाध्याय ने यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद अगर व्यक्ति में दृढ़ संकल्प और मेहनत की भावना हो, तो वह किसी भी ऊंचाई को प्राप्त कर सकता है। उनकी सफलता आज क्षेत्र के युवाओं के लिए एक आदर्श उदाहरण बन गई है।
ग्राम प्रधान सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरे चौखुटिया क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि उपाध्याय ने अपनी प्रतिभा और कर्मठता के बल पर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे पहाड़ी समाज को गौरवान्वित किया है। उनकी यह सफलता आने वाली पीढ़ी को आगे बढ़ने और बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।
इस अवसर पर क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश पाण्डे, उनकी धर्मपत्नी एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य राधा पाण्डे, गोपाल मासीवाल, शंकर सिंह रावत, महेश लाल वर्मा, दीपा मासीवाल, संतोष मासीवाल, कैलाश पाण्डेय, बसंत उपाध्याय, धीरज उपाध्याय, मोहन राम, प्रकाश उपाध्याय सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं।
क्षेत्रवासियों ने यह भी बताया कि हरीश चंद्र उपाध्याय के गृह क्षेत्र आगमन पर उनके सम्मान में एक भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर उन्हें सम्मानित करेंगे। यह आयोजन न केवल उनकी उपलब्धि का उत्सव होगा, बल्कि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगा।
हरीश चंद्र उपाध्याय की यह सफलता यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच के साथ व्यक्ति अपने सपनों को साकार कर सकता है।



