अल्मोड़ा। उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, कला, संगीत और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से श्री राम समिति अल्मोड़ा द्वारा आयोजित कुमाऊं महोत्सव 2026 का आयोजन 20 जून से 30 जून तक जीआईसी ग्राउंड अल्मोड़ा में किया जाएगा। महोत्सव को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में आयोजकों ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए इसे कुमाऊं की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला आयोजन बताया।
प्रेस वार्ता में मुख्य संयोजक हरीश कनवाल, अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी, सलाहकार विनीत बिष्ट, सांस्कृतिक संयोजक देवेंद्र भट्ट रिक्की, उपाध्यक्ष दीपक कुमार (पार्षद), सचिव वैभव पांडे (पार्षद), कार्यक्रम प्रभारी हर्षिता तिवारी, शगुन त्यागी, महिला उपाध्यक्ष प्रतिभा भट्ट, विकास सिंह, वीरेंद्र जोशी, मीडिया प्रभारी प्रदीप मेहता, रोहन कुमार, उप सचिव अनिरुद्ध पाण्डेय सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में विशेष सहयोग संरक्षक शेखर लखचौरा, पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा रवि रौतेला, अमरनाथ सिंह नेगी का रहता है।
अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी ने कहा कि कुमाऊं महोत्सव का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अपनी लोक संस्कृति, लोक कला और पारंपरिक विरासत को जीवंत बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि महोत्सव में बच्चों और युवाओं को विशेष रूप से मंच दिया जाता है, जिससे उनकी प्रतिभा निखरकर सामने आती है और वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ते हैं।
मुख्य संयोजक हरीश कनवाल ने कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि महोत्सव में लोकगीत, लोकनृत्य, कवि सम्मेलन, ओपन माइक, बैंड प्रतियोगिता, नृत्य प्रतियोगिता, फैशन शो, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और स्टार नाइट जैसे कई आकर्षक कार्यक्रम होंगे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हर वर्ष की तरह इस बार भी सांस्कृतिक उत्सव के साथ-साथ सामाजिक समरसता का संदेश देगा।
उन्होंने बताया कि महोत्सव में स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। कार्यक्रमों की श्रृंखला 20 जून को ओपन माइक से शुरू होगी और 30 जून को पुरस्कार वितरण तथा विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ समापन होगा।
आयोजकों ने बताया कि इस बार महोत्सव में स्थानीय व्यापारियों और हस्तशिल्प कलाकारों को विशेष महत्व दिया जा रहा है। स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक हस्तशिल्प, पहाड़ी व्यंजनों और स्वरोजगार से जुड़े स्टॉलों को अधिक स्थान उपलब्ध कराया जाएगा ताकि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिल सके। आयोजकों का मानना है कि महोत्सव केवल सांस्कृतिक मंच नहीं बल्कि स्थानीय उद्यमियों और कारीगरों के लिए भी अवसर का माध्यम बनेगा।
कार्यक्रम के दौरान कला एवं प्रतियोगिता गतिविधियों के संयोजक वीरेंद्र जोशी ने बताया कि विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों और युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। वहीं ओपन माइक कार्यक्रम के संयोजक विकास कुमार ने कहा कि युवाओं की रचनात्मकता को मंच देने के लिए ओपन माइक विशेष आकर्षण रहेगा।
प्रेस वार्ता में अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी ने आयोजन की सफलता के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के सहयोग की सराहना की। आयोजकों ने जिला प्रशासन, विशेष रूप से जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया। साथ ही नगर निगम अल्मोड़ा को भी सहयोग के लिए धन्यवाद दिया गया।
महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा लोक परंपराओं, लोक वेशभूषा, पारंपरिक कला और क्षेत्रीय पहचान को प्रदर्शित करने वाले विशेष आयोजन भी होंगे। आयोजकों ने आम जनता से बड़ी संख्या में महोत्सव में भाग लेने की अपील की है।
कुमाऊं महोत्सव 2026 को लेकर अल्मोड़ा सहित पूरे कुमाऊं क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। आयोजकों को उम्मीद है कि यह आयोजन सांस्कृतिक संरक्षण, प्रतिभा संवर्धन और स्थानीय व्यापार को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
संस्कृति, प्रतिभा और लोकल व्यापार को मिलेगा मंच, 20 से 30 जून तक होगा भव्य कुमाऊं महोत्सव
Leave a Comment
Leave a Comment



