अल्मोड़ा, संवाददाता।
सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा अपनी ऐतिहासिक पहचान, प्राकृतिक सौंदर्य और प्रसिद्ध माल रोड के लिए जानी जाती है। हर वर्ष हजारों पर्यटक यहां की खूबसूरती का आनंद लेने पहुंचते हैं, लेकिन इन दिनों माल रोड क्षेत्र में पुलिस वाहनों की पार्किंग व्यवस्था शहर की छवि पर सवाल खड़े कर रही है।
शहर के मुख्य डाकघर (पोस्ट ऑफिस) के समीप स्थित नो-एंट्री क्षेत्र में पुलिस वाहन खड़े किए जाने से प्रतिदिन जाम की स्थिति बन रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर आम नागरिकों के वाहनों के प्रवेश और पार्किंग पर रोक है, उसी स्थान पर सरकारी वाहन घंटों तक खड़े रहते हैं। इससे सड़क संकरी हो जाती है और यातायात प्रभावित होता है।
माल रोड अल्मोड़ा की पहचान मानी जाती है। यहां पर्यटक सुबह से देर शाम तक घूमने आते हैं। स्थानीय व्यापारी भी इसी मार्ग पर निर्भर हैं। लेकिन जब सड़क पर पुलिस वाहन खड़े हो जाते हैं तो पैदल चलने वालों और अन्य वाहनों को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
व्यापारियों का कहना है कि कई बार पर्यटक भी इस अव्यवस्था को देखकर सवाल उठाते हैं कि जब नियम बनाने वाली एजेंसियां ही नियमों का पालन नहीं करेंगी तो आम जनता से कैसे उम्मीद की जा सकती है। लोगों का आरोप है कि ड्यूटी के नाम पर वाहनों को प्रतिबंधित क्षेत्र में खड़ा कर दिया जाता है, जिससे घंटों तक जाम की स्थिति बनी रहती है।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी सवाल उठाया है कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार ईंधन बचाने और अनावश्यक वाहन उपयोग कम करने की अपील करते रहे हैं। इसके बावजूद सरकारी तंत्र द्वारा वाहनों का इस प्रकार उपयोग किया जाना कई प्रश्न खड़े करता है।
सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि पुलिस की ड्यूटी आवश्यक है तो उसके लिए निर्धारित पार्किंग स्थल का उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। उन्होंने प्रशासन से माल रोड क्षेत्र में पार्किंग और यातायात व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की है।
नागरिकों का मानना है कि अल्मोड़ा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए सभी विभागों को नियमों का समान रूप से पालन करना चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो शहर की सुंदरता और पर्यटन छवि दोनों प्रभावित हो सकती हैं।






