अल्मोड़ा, संवाददाता।
नगर क्षेत्र को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाने के उद्देश्य से नगर निगम अल्मोड़ा द्वारा विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान के तहत डुबकियां मोहल्ला और जोहरी बाजार गली क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों को जैविक (गीला) और अजैविक (सूखा) कचरा अलग-अलग रखने के लिए डस्टबिन वितरित किए गए।
इस अभियान का नेतृत्व स्थानीय पार्षद अंजू बिष्ट एवं नगर निगम की टीम ने संयुक्त रूप से किया। अभियान के दौरान स्थानीय निवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए कचरा प्रबंधन के महत्व की जानकारी दी गई। लोगों से अपील की गई कि वे घरों से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग एकत्रित करें और उसे सड़कों, नालियों अथवा सार्वजनिक स्थानों पर फेंकने के बजाय नगर निगम की डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण गाड़ियों में ही दें।
पार्षद अंजू बिष्ट ने कहा कि स्वच्छ शहर का निर्माण केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि लोग गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखना शुरू कर दें तो कचरा निस्तारण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और सरल हो जाएगी।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण करने से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पुनर्चक्रण की प्रक्रिया को भी बढ़ावा मिलता है। इससे शहर में गंदगी कम होगी और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
अभियान को सफल बनाने में नगर निगम के अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस दौरान राजपाल पवार, दीपक नायक, कृष्णन, बंटी सहित अन्य कर्मचारियों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
स्थानीय लोगों ने भी नगर निगम की इस पहल का स्वागत करते हुए स्वच्छता अभियान में सहयोग का भरोसा दिलाया। नागरिकों का कहना है कि इस प्रकार के जागरूकता अभियान नियमित रूप से चलाए जाने चाहिए, ताकि लोगों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना और अधिक विकसित हो सके।
नगर निगम ने भविष्य में भी विभिन्न वार्डों में इसी प्रकार के अभियान चलाकर लोगों को कचरा पृथक्करण और स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की बात कही है।
घर-घर पहुंचे डस्टबिन, अल्मोड़ा में स्वच्छता अभियान को मिला नया आयाम
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