द्वाराहाट।
बिपिन त्रिपाठी कुमाऊँ प्रौद्योगिकी संस्थान (बीटीकेआईटी), द्वाराहाट में 77 यूके वाहिनी एनसीसी, अल्मोड़ा द्वारा आयोजित 10 दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (CATC) एवं नैनीताल ग्रुप के टीएससी कैडेट्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरे उत्साह, अनुशासन और सैन्य वातावरण के साथ निरंतर संचालित किया जा रहा है। कमान अधिकारी कर्नल जितेन्द्र शर्मा के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में चल रहे इस शिविर का उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता, राष्ट्रभक्ति, आत्मविश्वास तथा सैन्य जीवन के प्रति जागरूकता विकसित करना है।
शिविर के सातवें दिवस, 15 जून 2026 को कैडेटों के लिए एक विशेष करियर मार्गदर्शन व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अल्मोड़ा आर्मी भर्ती कार्यालय (ARO) से आए मेडिकल ऑफिसर मेजर पुष्पल चक्रवर्ती ने भारतीय सेना की मेडिकल शाखा में उपलब्ध विभिन्न अवसरों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने कैडेटों को बताया कि सेना की मेडिकल सेवाएं केवल चिकित्सकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पैरामेडिकल, नर्सिंग और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में भी युवाओं के लिए अनेक अवसर उपलब्ध हैं।
मेजर चक्रवर्ती ने सेना की मेडिकल भर्ती प्रक्रिया, आवश्यक शैक्षणिक योग्यता, चयन प्रक्रिया तथा प्रशिक्षण व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश सेवा के साथ-साथ चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए भारतीय सेना एक बेहतरीन मंच है।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में सूबेदार मेजर सुनील कुमार ने भारतीय सेना की विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने अग्निवीर भर्ती योजना, सैनिक पदों पर भर्ती, स्थायी कमीशन तथा अधिकारी स्तर की नियुक्तियों के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कैडेटों को चयन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों, लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षण, मेडिकल परीक्षण तथा प्रशिक्षण व्यवस्था के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना केवल रोजगार का माध्यम नहीं बल्कि अनुशासन, सम्मान और राष्ट्रसेवा का जीवन प्रदान करती है। युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हुए शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वयं को तैयार करना चाहिए।
शिविर के दौरान कैडेटों को विभिन्न सैन्य एवं व्यक्तित्व विकास संबंधी गतिविधियों का प्रशिक्षण भी दिया गया। इनमें ड्रिल प्रशिक्षण, .22 रायफल फायरिंग प्रशिक्षण, ड्रोन संचालन एवं तकनीकी उपयोग, आपदा प्रबंधन, योग, शारीरिक व्यायाम तथा सैन्य विषयों पर विशेष सत्र शामिल रहे।
ड्रिल प्रशिक्षण के माध्यम से कैडेटों में अनुशासन, एकरूपता और नेतृत्व क्षमता का विकास किया गया। वहीं .22 रायफल प्रशिक्षण में उन्हें हथियारों की सुरक्षित हैंडलिंग, लक्ष्य भेदन तकनीक तथा सुरक्षा मानकों की जानकारी दी गई।
तकनीकी प्रशिक्षण के अंतर्गत ड्रोन संचालन का विशेष सत्र कैडेटों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। प्रशिक्षकों ने ड्रोन तकनीक के आधुनिक उपयोग, निगरानी, आपदा राहत तथा सुरक्षा संबंधी कार्यों में इसकी भूमिका के बारे में जानकारी दी।
आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव एवं राहत कार्यों की जानकारी प्रदान की गई। कैडेटों को प्राथमिक उपचार, आपातकालीन प्रतिक्रिया तथा सामुदायिक सहायता के व्यावहारिक उपाय भी सिखाए गए।
योग एवं शारीरिक प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से कैडेटों की शारीरिक क्षमता, मानसिक एकाग्रता तथा सहनशक्ति को विकसित करने का प्रयास किया गया। प्रशिक्षकों ने स्वस्थ जीवनशैली एवं नियमित व्यायाम के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
पूरे शिविर के दौरान कैडेटों में सीखने की उत्सुकता और अनुशासन स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। उन्होंने सभी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए सैन्य जीवन के मूल्यों को आत्मसात करने का प्रयास किया।
शिविर में उपस्थित अधिकारियों ने भी कैडेटों के उत्साह और प्रदर्शन की सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि एनसीसी युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा प्रदान करता है।
इस अवसर पर एडमिनिस्ट्रेटिव अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल जे.सी. पंत, सूबेदार मेजर जगदीश सिंह मेहता, कैप्टन महिपाल सिंह, कैप्टन विनोद कुमार, लेफ्टिनेंट अशोक कुमार, सेकेंड अफसर अर्जुन सिंह, सेकेंड अफसर हीरा टम्टा सहित सैन्य एवं पीआई स्टाफ उपस्थित रहे।
एनसीसी शिविर में सैन्य करियर की मिली विस्तृत जानकारी, कैडेटों ने सीखे नेतृत्व और अनुशासन के गुर
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