राजपुर, नियागंज, धारानौला और लाला बाजार के नागरिकों ने नगर आयुक्त को सौंपा ज्ञापन, जनप्रतिनिधियों ने भी उठाई समस्या
अल्मोड़ा।
नगर निगम अल्मोड़ा द्वारा गोपालधारा होते हुए ढुंगाधारा जाने वाले वैकल्पिक दोपहिया मार्ग पर लगाए गए गेट को लेकर क्षेत्र में विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को राजपुर, नियागंज, धारानौला और लाला बाजार के नागरिकों ने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर 52 सीढ़ी के पास लगाए गए गेट को तत्काल हटाने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि यह मार्ग वर्षों से हजारों लोगों के लिए सबसे छोटा और सुविधाजनक संपर्क मार्ग रहा है। इसके बंद होने से स्थानीय लोगों, छोटे व्यापारियों, नौकरीपेशा कर्मचारियों, विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों और आपातकालीन सेवाओं का आवागमन प्रभावित हो रहा है। लोगों का कहना है कि अब उन्हें गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे समय के साथ-साथ ईंधन की भी अतिरिक्त खपत हो रही है।
क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों के विरोध के कारण पूरे क्षेत्र की जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उनका कहना है कि नगर निगम का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, न कि वर्षों से उपयोग में रहे सार्वजनिक वैकल्पिक मार्ग को बंद करना।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि यदि किसी कारणवश मार्ग पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक था, तो प्रशासन को सभी पक्षों से संवाद कर संतुलित समाधान निकालना चाहिए था। बिना व्यापक जनसहमति के मार्ग बंद करने का निर्णय जनहित के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
लोगों ने नगर आयुक्त से मांग की कि 52 सीढ़ी के पास लगाया गया गेट शीघ्र हटाकर मार्ग को पूर्व की भांति आमजन के लिए खोल दिया जाए, ताकि तीनों मोहल्लों के लोगों को राहत मिल सके।
इस दौरान राजपुर वार्ड के पार्षद एडवोकेट मुकेश कुमार (डैनी), पार्षद विकास कुमार आर्या, लाला बाजार वार्ड के पार्षद कुलदीप सिंह मेर (कम्मू) तथा इन्तेखाब आलम कुरैशी (पाबंद) भी क्षेत्रवासियों के साथ मौजूद रहे। उन्होंने भी नागरिकों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए समाधान की आवश्यकता पर बल दिया।
क्षेत्रवासियों ने कहा कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आगे भी अपनी मांग प्रशासन के समक्ष उठाते रहेंगे। अब नगर निगम प्रशासन के निर्णय पर स्थानीय लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं।



