शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं, परीक्षा प्रणाली और छात्र हितों की अनदेखी के विरोध में प्रदर्शन • सांकेतिक चक्का जाम कर केंद्र सरकार से जवाबदेही की मांग
अल्मोड़ा।
छात्रों के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं तथा छात्र हितों की अनदेखी के विरोध में मंगलवार को जिला कांग्रेस कमेटी अल्मोड़ा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली गई तथा केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है और लगातार सामने आ रहे विभिन्न विवादों ने लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का विश्वास कमजोर किया है।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि देश का युवा निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के अवसरों की अपेक्षा रखता है, लेकिन इन मुद्दों पर सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है। उनका आरोप था कि छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्र हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर किसी भी प्रकार की लापरवाही देश के भविष्य के साथ समझौता है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सांकेतिक चक्का जाम भी किया। कुछ समय तक सड़क पर प्रदर्शन कर कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य छात्रों की आवाज सरकार तक पहुंचाना है ताकि शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जा सकें।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि देश का युवा आज रोजगार, पारदर्शी परीक्षाओं और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार इन मूलभूत मुद्दों पर गंभीर नहीं दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर समय-समय पर उठे सवालों ने छात्रों के भविष्य को असमंजस में डाल दिया है। ऐसे मामलों में जवाबदेही तय होना आवश्यक है और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों और युवाओं को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। यदि युवा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग करते हैं तो सरकार को संवाद के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए। कांग्रेस पार्टी छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक मजबूती के साथ लड़ती रहेगी और जब तक शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। यदि शिक्षा व्यवस्था में विश्वास कम होगा तो इसका सीधा असर देश के भविष्य पर पड़ेगा। इसलिए सरकार को शिक्षा प्रणाली को राजनीतिक विवादों से ऊपर उठाकर छात्रों के हित में ठोस निर्णय लेने चाहिए।
कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि युवाओं की सबसे बड़ी अपेक्षा निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा प्रणाली है। यदि परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठते हैं तो लाखों विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत प्रभावित होती है। सरकार को ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करना चाहिए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश के छात्र केवल बेहतर अवसर और निष्पक्ष व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता छात्रों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार से मांग की कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी विवादों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, परीक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाया जाए तथा छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने और प्रधानमंत्री से इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग भी दोहराई गई।
कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज के अलावा तारा चन्द्र जोशी, अमर बिष्ट, अमरजीत सिंह भाकुनी, देव सिंह कनवाल, गोपाल चौहान, मनोज वर्मा, मनोज कुमार जोशी, परितोष जोशी, राधा बिष्ट, शोभा जोशी, किरन आर्य, प्रीति बिष्ट, फेमिना खान, जया जोशी, तारा तिवारी, दीप सिंह डांगी, पूरन रौतेला, हीरा सिंह बिष्ट, भैरव गोस्वामी, रोहित रौतेला, बलवंत टम्टा, जगदीश पांडे, देवेंद्र ढेला, संजय रावत, निर्मल रावत, सतीश कुमार, देव सिंह लटवाल, बाल विक्रम सिंह रावत, गजेंद्र सिंह फर्त्याल, मयंक बिष्ट, गोविंद सिंह मेहरा, बसंत कनवाल, उमेद सिंह, दीक्षांत जीना, अम्बीराम, सुशील साह, तारा चन्द्र साह, ललित सतवाल, अख्तर हुसैन, अमरीश पवार, दीपेश कांडपाल, भूपाल कुमार, जगदीश तिवारी, केतन चौधरी, मनोज रावत, कपिल बहुगुणा, पूरन सिंह बनौला, शहजाद कश्मीरी, कार्तिक साह, नारायण दत्त पांडे, रविन्द्र लाल टम्टा, आनंद सिंह बिष्ट, हरिराम आर्य, गोपाल तिवारी, नवाज खान, दिनेश पिलख्वाल, राज चौहान, बादल, रजत, विपुल कार्की, गुंजन चम्याल, विकास कुमार, मुकेश कुमार डैनी, अर्जुन कुमार, अशोक गोस्वामी, सोनी गोस्वामी, ऋतिक नयाल, बी.के. पाण्डेय, हर्ष कनवाल, विनोद वैष्णव, शशांक बिष्ट, फहीमुद्दीन, सचिन आर्य, संजय भारद्वाज, रविंद्र टम्टा, राहुल गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
छात्र हितों को लेकर कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली
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