रानीखेत । सांस्कृतिक नगरी रानीखेत में पहली बार आयोजित दो दिवसीय महिला रामलीला प्रतियोगिता का शुभारंभ उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक गरिमा के साथ हुआ। सांस्कृतिक समिति के तत्वावधान में मिशन इंटर कॉलेज परिसर में आयोजित इस अनूठे आयोजन में विभिन्न महिला समूहों ने रामायण के प्रसंगों का भावपूर्ण मंचन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतियोगिता के पहले दिन महिला कलाकारों की प्रस्तुति ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी एक वर्ग या लिंग तक सीमित नहीं होती।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व ब्लॉक प्रमुख हीरा सिंह रावत, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश मंत्री विमला रावत तथा सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष विमल सती ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों ने अतिथियों का पारंपरिक स्वागत किया।
मुख्य अतिथि हीरा सिंह रावत ने अपने संबोधन में कहा कि महिला रामलीला प्रतियोगिता केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि वर्षों से रामलीला मंचन में पुरुषों की प्रधानता रही है, लेकिन अब महिलाएं भी इन मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर समाज को नई दिशा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में विभिन्न समुदायों और धर्मों के लोगों की सहभागिता गंगा-जमुनी संस्कृति और सामाजिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
उन्होंने सांस्कृतिक समिति की सराहना करते हुए कहा कि समिति लगातार स्थानीय संस्कृति, लोक परंपराओं और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रही है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
विशिष्ट अतिथि विमला रावत ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं। रामलीला जैसे पारंपरिक मंच पर महिलाओं की भागीदारी न केवल उनकी प्रतिभा को सामने लाती है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को भी मजबूत बनाती है। उन्होंने कहा कि घरेलू जिम्मेदारियों के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाकर महिलाएं समाज को नई प्रेरणा दे रही हैं।
सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष विमल सती ने स्वागत संबोधन में कहा कि महिला रामलीला प्रतियोगिता की यह शुरुआत रानीखेत के सांस्कृतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय साबित होगी। उन्होंने कहा कि समिति का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। महिला कलाकारों को मंच उपलब्ध कराना इसी दिशा में एक सार्थक प्रयास है।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक समिति द्वारा क्षेत्र की विभिन्न रामलीला समितियों को उनके वर्षों के योगदान के लिए सम्मानित किया गया। खड़ी बाजार रानीखेत, इंदिरा बस्ती, जैनोली, लालकुर्ती, कुनेलाखेत, चिलियानौला तथा रियूनी मजखाली रामलीला समितियों को सम्मान प्रदान कर उनके सांस्कृतिक योगदान को सराहा गया।
प्रतियोगिता के पहले दिन मंच पर प्रस्तुतियों की शानदार श्रृंखला देखने को मिली। मातृ शक्ति समूह रानीखेत ने परशुराम-लक्ष्मण संवाद का प्रभावशाली मंचन कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। गौरा स्वयं सहायता समूह चिलियानौला ने शूर्पणखा नासिका छेदन प्रसंग को जीवंत अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया। जय मां काली स्वयं सहायता समूह पाखुड़ा ने सीता स्वयंवर प्रसंग का सुंदर मंचन किया, जबकि सांस्कृतिक समिति की टीम ने ताड़का वध प्रसंग को प्रभावशाली ढंग से मंचित कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम का संचालन दीपक पंत ने किया। इस अवसर पर सांस्कृतिक समिति के हरीश लाल साह, गौरव भट्ट, राजेन्द्र पंत, गौरव तिवारी, अभिषेक कांडपाल, गीता पवार, रीना वर्मा, नेहा साह, संजय पंत तथा शिव मंदिर समिति के कैलाश पांडे, जगदीश अग्रवाल, सी.एस. जैन, एच.एस. कड़ाकोटी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
दर्शकों की भारी उपस्थिति और महिला कलाकारों के उत्साहपूर्ण प्रदर्शन ने यह संकेत दिया कि महिला रामलीला प्रतियोगिता आने वाले वर्षों में रानीखेत की एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहचान बन सकती है।
महिला रामलीला प्रतियोगिता में महिलाओं ने बिखेरा अभिनय का जादू, दर्शकों ने सराहा सांस्कृतिक पहल
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