अल्मोड़ा। नगर निगम अल्मोड़ा द्वारा लाला बाजार क्षेत्र में करीब 2.50 लाख रुपये की लागत से निर्मित स्वागत द्वार के क्षतिग्रस्त होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने निर्माण में बरती गई कथित लापरवाही की जांच की मांग उठाई है।
जानकारी के अनुसार नगर निगम द्वारा लाला बाजार क्षेत्र की सौंदर्यकरण योजना के तहत कुछ समय पूर्व एक स्वागत द्वार का निर्माण कराया गया था। इस द्वार के निर्माण पर लगभग ढाई लाख रुपये खर्च किए गए थे। लेकिन निर्माण के कुछ समय बाद ही द्वार का एक हिस्सा टूट गया, जिससे स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक धन से निर्मित संरचनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। यदि निर्माण के कुछ समय बाद ही ढांचा क्षतिग्रस्त होने लगे तो यह निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
व्यापारियों का कहना है कि लाला बाजार नगर का प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में स्वागत द्वार का टूटना सुरक्षा की दृष्टि से भी चिंता का विषय है। लोगों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं की गई तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।
नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन से मामले की जांच कराने तथा निर्माण कार्य में यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
वहीं नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण कराया जाएगा और आवश्यक मरम्मत कार्य जल्द कराया जाएगा। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता से जुड़े पहलुओं की भी समीक्षा की जाएगी।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों आवश्यक हैं। जनता के टैक्स के पैसे से किए जाने वाले कार्यों की नियमित निगरानी होनी चाहिए ताकि इस प्रकार की स्थिति भविष्य में उत्पन्न न हो।
अब देखना होगा कि नगर निगम इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाती है।
नगर निगम का पक्ष
मामले को लेकर नगर निगम अधिकारियों से बातचीत करने पर बताया गया कि स्वागत द्वार किसी निर्माण दोष के कारण नहीं बल्कि सुबह के समय एक वाहन की टक्कर लगने से क्षतिग्रस्त हुआ है। निगम अधिकारियों के अनुसार यह कार्य लगभग 1.80 लाख रुपये की लागत से कराया गया था। हालांकि बाद में परियोजना के अंतर्गत इससे संबंधित अन्य कार्यों को जोड़ते हुए इसकी कुल लागत को लगभग 2.50 लाख रुपये बताया गया।
नगर निगम का यह भी कहना है कि स्वागत द्वार के समीप नाली निर्माण और सुरक्षा संबंधी अतिरिक्त कार्य प्रस्तावित थे, जिससे भविष्य में इस प्रकार की क्षति से बचाव किया जा सके। अधिकारियों ने दावा किया कि क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत शीघ्र कराई जाएगी।
खबर के बाद हरकत में आया निगम
स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के बाद काफी समय तक मौके पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। उनका कहना है कि समाचार सामने आने और मामले के सार्वजनिक चर्चा में आने के बाद नगर निगम हरकत में आया। हालांकि खबर लिखे जाने तक मौके पर स्थायी मरम्मत अथवा सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित कोई ठोस कार्य शुरू नहीं हुआ था।
क्या है पूरा मामला?
लाला बाजार में नगर निगम द्वारा स्वागत द्वार का निर्माण कराया गया।
स्थानीय स्तर पर इसकी लागत को लेकर चर्चा शुरू हुई।
स्वागत द्वार का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
नगर निगम का दावा: वाहन की टक्कर से हुआ नुकसान।
निगम के अनुसार निर्माण लागत लगभग करीब 1.80 लाख रुपये थी।
अतिरिक्त कार्यों के साथ कुल लागत लगभग 2.50 लाख रुपये बताई गई।
नाली निर्माण और सुरक्षा कार्य का भी प्रस्ताव था।
खबर के बाद निगम सक्रिय हुआ, लेकिन खबर लिखे जाने तक स्थायी मरम्मत शुरू नहीं हुई थी।



