
📰 खबर सत्यवार्ता
संवाददाता, रुद्रपुर
रुद्रपुर। मानसून को देखते हुए जनपद में संभावित जलभराव एवं बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कैम्प कार्यालय में बैठक लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग अभी से तैयारियां सुनिश्चित करें और पिछले वर्षों में जलभराव व बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी उप जिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में सिंचाई, लोक निर्माण विभाग एवं नगर निकायों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्ययोजना तैयार करें। इसके तहत नदी-नालों, नहरों तथा शहरी क्षेत्रों की नालियों की सफाई प्राथमिकता से कराई जाए। नगर निकायों को 30 अप्रैल तक नालियों की सफाई पूर्ण कर जीओ-टैग के साथ फोटो उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में वर्षाकाल से पूर्व नालियों, नालों और नहरों की पुनः सफाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही सड़कों के स्कवर व पुलियों के नीचे जमा मलबा हटाने के निर्देश भी संबंधित विभागों को दिए गए।
सिंचाई विभाग को निर्देशित किया गया कि नदी एवं जलाशयों में जमा सिल्ट का सर्वे कर ड्रेजिंग के प्रस्ताव 25 अप्रैल तक प्रस्तुत किए जाएं। इसके अलावा सभी निकायों को अपने-अपने क्षेत्रों के नदी-नालों का जीआईएस मैप तैयार करने तथा सिंचाई विभाग को पूरे जनपद का जीआईएस बेस मैप बनाकर संभावित बाढ़ क्षेत्रों के लिए अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि वर्षाकाल से पहले 15 जून तक सभी सफाई एवं रिवर चैनलाइजेशन कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। साथ ही बाजपुर क्षेत्र की लेवड़ा नदी पर निर्माणाधीन पुलों को जून तक पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, उप जिलाधिकारी/आपदा प्रबंधन अधिकारी गौरव पाण्डेय, अधिशासी अभियंता बीएस डांगी, आनंद सिंह नेगी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी उप जिलाधिकारी एवं नगर निकायों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।



