अल्मोड़ा। अल्मोड़ा जिले में लगातार बढ़ रही फॉरेस्ट फायर की घटनाओं को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने वनाग्नि की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जंगलों को आग से बचाना केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक और सामाजिक दायित्व है।
जिलाधिकारी ने कहा कि जंगलों में आग लगने से न केवल वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचता है, बल्कि वन्यजीवों का जीवन, पर्यावरणीय संतुलन और मानव जीवन भी प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में जंगल जीवन का आधार हैं और इनकी सुरक्षा हर हाल में जरूरी है।
डीएम अंशुल सिंह ने बताया कि आज जिले में फॉरेस्ट फायर की घटनाओं को लेकर अज्ञात लोगों के खिलाफ पांच मुकदमे दर्ज किए गए हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर जंगलों में आग लगाने या लापरवाही करने का दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कई बार लोग छोटी लापरवाहियों को गंभीरता से नहीं लेते, लेकिन यही असावधानी बड़े नुकसान का कारण बन जाती है। जंगलों के आसपास जलती सामग्री फेंकना, सूखी झाड़ियों में आग लगाना या खेतों में आग जलाना खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आग की घटना की जानकारी तुरंत प्रशासन और वन विभाग को दें।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, वनाग्नि पर त्वरित नियंत्रण करने और फायर लाइन मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि लोग वनाग्नि के दुष्प्रभावों और बचाव के उपायों को समझ सकें।
अपने क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय लोगों, राहगीरों और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उन्हें जागरूक किया। उन्होंने कहा कि जंगलों की सुरक्षा से ही पर्यावरण सुरक्षित रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा।
उन्होंने युवाओं और सामाजिक संगठनों से आगे आकर वन संरक्षण अभियान में सहयोग करने की अपील की। डीएम ने कहा कि यदि समाज और प्रशासन मिलकर कार्य करें तो वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने कहा कि बढ़ते तापमान और सूखे मौसम के कारण वनाग्नि का खतरा अधिक बढ़ गया है। ऐसे समय में हर नागरिक को सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जंगल केवल पेड़ों का समूह नहीं, बल्कि प्रकृति और जीवन का महत्वपूर्ण आधार हैं।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रशासन वनाग्नि फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा और जंगलों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जनपदवासियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही अल्मोड़ा के जंगलों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
अल्मोड़ा में बढ़ीं वनाग्नि की घटनाएं, डीएम अंशुल सिंह बोले- जंगलों से खिलवाड़ करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
Leave a Comment
Leave a Comment



