उत्तराखंड के शांत और सांस्कृतिक नगर अल्मोड़ा से इस वर्ष हज यात्रा के लिए पांच श्रद्धालु पवित्र सफर पर रवाना हुए। काशिफ खान, मरियम खान, ज़ीनत खान, शाहिदा सिराज और मोहम्मद जीशान बुधवार सुबह दिल्ली से जेद्दा के लिए उड़ान भरेंगे। उनकी फ्लाइट सुबह 7 बजे निर्धारित है। इस अवसर पर अल्मोड़ा में भावनात्मक माहौल देखने को मिला, जहां हजारों लोगों ने इन यात्रियों को शुभकामनाओं और दुआओं के साथ विदा किया।
हज इस्लाम का सबसे पवित्र धार्मिक कर्तव्य माना जाता है और हर मुसलमान की यह ख्वाहिश होती है कि उसे जीवन में कम से कम एक बार मक्का-मदीना जाकर हज करने का अवसर मिले। अल्मोड़ा के इन पांच यात्रियों के लिए भी यह यात्रा किसी सपने के सच होने से कम नहीं है। परिवार, रिश्तेदारों और नगरवासियों ने उन्हें गले लगाकर शुभ यात्रा की कामना की।
विदाई के दौरान स्थानीय मस्जिदों और मोहल्लों में विशेष दुआओं का आयोजन किया गया। लोगों ने यात्रियों के सुरक्षित सफर और सफल हज की दुआ की। कई बुजुर्गों ने कहा कि हज यात्रा इंसान के जीवन में आध्यात्मिक परिवर्तन लेकर आती है और यह पूरे समाज के लिए गर्व का क्षण है।
यात्रियों के परिजनों की आंखों में खुशी और भावुकता दोनों दिखाई दी। काशिफ खान के परिवार ने कहा कि यह उनके परिवार के लिए बेहद खास अवसर है। वहीं मरियम खान और ज़ीनत खान ने यात्रा पर रवाना होने से पहले सभी लोगों से दुआ की अपील की। शाहिदा सिराज ने कहा कि वे अपने शहर और देश की खुशहाली के लिए भी दुआ करेंगी। मोहम्मद जीशान ने बताया कि वे लंबे समय से इस पवित्र यात्रा का इंतजार कर रहे थे और अब अल्लाह ने उन्हें यह मौका दिया है।
अल्मोड़ा से बड़ी संख्या में लोग यात्रियों को विदा करने पहुंचे। जगह-जगह फूलमालाओं से स्वागत किया गया और लोगों ने “लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक” के नारों के साथ उन्हें रवाना किया। शहर में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी यात्रियों को शुभकामनाएं दीं।
हज यात्रा के दौरान ये सभी यात्री पहले जेद्दा पहुंचेंगे, जहां से आगे मक्का शरीफ जाएंगे। वहां वे हज की सभी रस्में पूरी करेंगे। इसके बाद मदीना शरीफ की जियारत भी करेंगे। यात्रा के दौरान दुनिया भर से लाखों मुसलमान सऊदी अरब पहुंचते हैं और भाईचारे, शांति तथा इंसानियत का संदेश देते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अल्मोड़ा से हर वर्ष हज यात्रियों का जाना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात होती है। इस बार भी नगरवासियों ने पूरे उत्साह और सम्मान के साथ यात्रियों को विदाई दी। लोगों ने उम्मीद जताई कि सभी यात्री सकुशल वापस लौटेंगे और अपने अनुभवों से समाज को प्रेरित करेंगे।
विदाई के समय माहौल बेहद भावुक हो गया। कई लोगों की आंखें नम थीं, वहीं बच्चों और युवाओं में उत्साह देखने को मिला। लोगों ने यात्रियों से अपने लिए भी दुआ करने की अपील की। इस अवसर पर सामाजिक एकता और भाईचारे की मिसाल भी देखने को मिली।





