अल्मोड़ा। आगामी निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से जनपद में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 को गंभीरता के साथ संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कलेक्ट्रेट के वीसी कक्ष में संबंधित अधिकारियों, निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं नामित नोडल अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य को पूर्ण पारदर्शिता और गंभीरता के साथ संपादित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की विस्तृत समयसारिणी पर चर्चा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि 29 मई से 7 जून 2026 तक गणना प्रपत्रों की छपाई तथा कार्मिकों के प्रशिक्षण का कार्य पूरा किया जाएगा। इसके बाद 8 जून से 7 जुलाई 2026 तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संग्रहण करेंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि बीएलओ निर्वाचन प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं, इसलिए उनका प्रशिक्षण गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध होना चाहिए। उन्होंने सभी निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने अधीनस्थ बीएलओ का प्रशिक्षण निर्धारित समय में पूरा कराना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची का शुद्ध एवं त्रुटिरहित होना अत्यंत आवश्यक है। यदि पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं होगा तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाए तथा मृतक, स्थानांतरित अथवा अपात्र मतदाताओं के नामों का नियमानुसार सत्यापन किया जाए।
बैठक में यह भी बताया गया कि 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन किया जाएगा। इसके पश्चात 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि दावे और आपत्तियों का निस्तारण निष्पक्ष एवं समयबद्ध तरीके से किया जाए ताकि अंतिम सूची में किसी प्रकार की त्रुटि न रह जाए।
अधिकारियों को जानकारी दी गई कि दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया जुलाई माह से 11 सितंबर 2026 तक संचालित होगी तथा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि निर्वाचन आयोग की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफल बनाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान देने को कहा जहां मतदाताओं की मैपिंग अभी शेष है। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे क्षेत्रों में शीघ्र कार्यवाही कर लंबित कार्यों को पूरा किया जाए।
बैठक में अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग पुनरीक्षण प्रक्रिया में भागीदारी करें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और त्रुटियों के सुधार के लिए प्रेरित किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया लोकतंत्र की नींव है और मतदाता सूची उसका सबसे महत्वपूर्ण आधार। इसलिए सभी अधिकारी अपने दायित्वों को गंभीरता से समझें और टीम भावना के साथ कार्य करें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, नगर आयुक्त सीमा विश्वकर्मा, उपजिलाधिकारी सदर संजय कुमार, उपजिलाधिकारी भनोली सौम्या गर्ब्याल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं दूरस्थ क्षेत्रों के उपजिलाधिकारी एवं विभागीय अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में प्रतिभाग किया।
मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर डीएम सख्त, समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश
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