| अल्मोड़ा |
अल्मोड़ा शहर की महत्वपूर्ण रानीधारा रोड की खराब स्थिति, सुरक्षा व्यवस्थाओं के अभाव और बीच सड़क पर बने आर्चनुमा कैजवे को लेकर स्थानीय नागरिकों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। इस संबंध में निवासी कवीन्द्र पन्त द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल सहित जिला प्रशासन, नगर निगम और लोक निर्माण विभाग को कई शिकायतें भेजी गई हैं।
मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज शिकायत संख्या 042025-8-733288 के क्रम में 27 मई 2025 को नगर निगम की ओर से जवाब जारी किया गया। शिकायत में बताया गया था कि रानीधारा से धार की तूनी की ओर जाने वाले मार्ग पर सड़क सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जिससे आए दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
नगर निगम द्वारा शिकायतकर्ता को दी गई जानकारी में कहा गया कि निगम कार्मिकों ने मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि रानीधारा से धार की तूनी मार्ग पर सुधारीकरण कार्य का अवशेष भाग लोक निर्माण विभाग द्वारा पुनर्निर्मित किया जा रहा है। साथ ही मार्ग में रेलिंग लगाए जाने के संबंध में भी लोक निर्माण विभाग को पत्र भेजा गया है।
नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया कि रानीधारा नौले के आगे स्थित आर्चनुमा कैजवे में जाली लगाने और आवश्यक सुधारात्मक कार्य निगम स्तर पर किए जा रहे हैं। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीनी स्तर पर अभी तक स्थिति में कोई बड़ा सुधार देखने को नहीं मिला है।
शिकायतकर्ता कवीन्द्र पन्त ने बताया कि उन्होंने 11 अप्रैल 2025 को जिलाधिकारी अल्मोड़ा तथा महापौर नगर निगम अल्मोड़ा को एक अनुरोध पत्र भेजा था। पत्र में रानीधारा रोड पर सुरक्षा रेलिंग लगाए जाने तथा नौले के सामने सड़क के बीच बने गलत डिजाइन वाले आर्चनुमा कैजवे को ठीक कराने की मांग की गई थी।
उन्होंने बताया कि इस मामले में कार्रवाई की जानकारी प्राप्त करने हेतु 21 मई 2026 को पुनः महापौर और नगर आयुक्त नगर निगम अल्मोड़ा को पत्र भेजा गया। इसके अलावा 22 मई 2026 को जिलाधिकारी अल्मोड़ा को भी स्मरण पत्र देकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई।
कवीन्द्र पन्त का कहना है कि यह सड़क शहर के बीचों-बीच स्थित एक महत्वपूर्ण लिंक मार्ग है और यहां लगातार वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। सड़क अत्यंत संकरी होने के कारण दुर्घटना की आशंका हर समय बनी रहती है।
उन्होंने विशेष रूप से रानीधारा नौले के सामने बने आर्चनुमा कैजवे को खतरनाक बताते हुए कहा कि छोटी कारों के चैंबर और बंपर इसमें टकरा जाते हैं। कई बार स्कूटर और दोपहिया वाहन भी असंतुलित हो जाते हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क के एक ओर गहरी खाई होने के बावजूद सुरक्षा रेलिंग नहीं लगी है। इससे वाहन चालकों और राहगीरों में हमेशा भय बना रहता है। लोगों का कहना है कि बारिश और रात के समय यह मार्ग और अधिक जोखिमपूर्ण हो जाता है।
इसके अतिरिक्त धार की तूनी क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य के दौरान सड़क पर ऊंची देहरी जैसी संरचना बना दी गई थी, जिससे दोपहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि इस विषय में उन्होंने महापौर से मुलाकात की थी और नगर निगम के जेई को मौके पर बुलाकर निरीक्षण भी कराया गया था।
उन्होंने कहा कि पूरा मामला महापौर, नगर आयुक्त और जिलाधिकारी के संज्ञान में है, बावजूद इसके अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र रेलिंग लगाने, कैजवे को मानकों के अनुसार ठीक करने तथा खतरनाक हिस्सों का पुनर्निर्माण कराया जाए।
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो किसी बड़े हादसे की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी।
सीएम पोर्टल से डीएम तक गुहार, फिर भी नहीं सुधरी रानीधारा रोड
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