| रानीखेत |
रानीखेत नगर क्षेत्र में सांस्कृतिक गतिविधियों को नई दिशा देने वाली अग्रणी संस्था “सांस्कृतिक समिति रानीखेत” द्वारा 30 और 31 मई को दो दिवसीय महिला रामलीला प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस अनूठे आयोजन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से महिला रामलीला टीमें प्रतिभाग करेंगी और रामायण के अलग-अलग प्रसंगों का मंचन प्रतियोगितात्मक रूप में प्रस्तुत करेंगी।
आयोजन को लेकर नगर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष उत्साह का माहौल है। आयोजकों का कहना है कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को कुमाऊं की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना और उनकी कलात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करना है।
सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष एवं रंगकर्मी विमल सती ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रतियोगिता का आयोजन मिशन इंटर कॉलेज प्रांगण में प्रतिदिन अपराह्न तीन बजे से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह नगर में अपने तरह का पहला आयोजन है, जिसमें केवल महिला कलाकार रामलीला के विभिन्न संवाद और प्रसंगों का मंचन करेंगी।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में रानीखेत तहसील क्षेत्र से पांच तथा अल्मोड़ा क्षेत्र से तीन महिला टीमें भाग लेंगी। प्रत्येक टीम रामायण के विभिन्न प्रसंगों को अपनी अभिनय शैली, संवाद प्रस्तुति और पारंपरिक वेशभूषा के माध्यम से मंच पर प्रस्तुत करेगी।
आयोजन समिति के अनुसार प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली टीमों को नगद पुरस्कार एवं ट्रॉफियां प्रदान की जाएंगी। इसके अतिरिक्त उत्कृष्ट अभिनय, श्रेष्ठ निर्देशन और आकर्षक वेशभूषा के लिए भी विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे।
विमल सती ने कहा कि यह आयोजन केवल मनोरंजन या प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने का एक प्रयास भी है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक रामलीला में महिलाओं की भागीदारी लंबे समय तक सीमित रही है, लेकिन अब समय बदल रहा है और महिलाएं हर सांस्कृतिक मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि महिला कलाकार इन दिनों घर-परिवार और अपने दैनिक कार्यों की व्यस्तताओं के बीच समय निकालकर लगातार अभ्यास कर रही हैं। पिछले कई सप्ताहों से कलाकार रामलीला मंचन की तैयारी में जुटी हुई हैं। उनका यह समर्पण हमारी सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सांस्कृतिक समिति का मानना है कि इस तरह के आयोजन न केवल पारंपरिक कला को जीवित रखते हैं, बल्कि समाज में महिलाओं की भूमिका को भी मजबूत बनाते हैं। समिति के सदस्यों का कहना है कि महिला रामलीला प्रतियोगिता समाज में लैंगिक समानता का सकारात्मक संदेश देगी।
स्थानीय नागरिकों और कला प्रेमियों ने भी इस पहल की सराहना की है। लोगों का कहना है कि आधुनिकता के दौर में पारंपरिक लोककला और सांस्कृतिक आयोजनों को जीवित रखना बेहद आवश्यक है। महिला कलाकारों की भागीदारी इस आयोजन को और अधिक विशेष बना रही है।
नगर के सांस्कृतिक वातावरण में यह आयोजन नई ऊर्जा भरने वाला माना जा रहा है। आयोजकों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यह प्रतियोगिता एक बड़ी सांस्कृतिक पहचान बनकर उभरेगी।
विमल सती ने सभी नागरिकों से कार्यक्रम में पहुंचकर महिला कलाकारों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन कला, संस्कृति और महिला सम्मान का अद्भुत संगम होगा।
रानीखेत में पहली बार होगी महिला रामलीला प्रतियोगिता, संस्कृति और महिला सशक्तिकरण का होगा संगम
Leave a Comment
Leave a Comment



