सूर्पणखा नासिका छेदन, त्रिसरा वध और खर-दूषण वध ने बांधा समां; मुख्य अतिथि महेश नायल सहित विशिष्ट अतिथियों ने की कलाकारों की सराहना
अल्मोड़ा। नगर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान श्री लक्ष्मी भंडार हुक्का क्लब की रामलीला में राम प्रतिज्ञा, सूर्पणखा नासिका छेदन, त्रिसरा वध, खर-दूषण वध तथा सीता हरण तक के प्रसंगों का भव्य एवं भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय, प्रभावशाली संवाद अदायगी और भावनात्मक प्रस्तुति से उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, धर्म के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और अधर्म के विरुद्ध संघर्ष को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।
रामलीला का शुभारंभ राम प्रतिज्ञा के प्रसंग से हुआ। इस दृश्य में भगवान श्रीराम के संकल्प, साहस और धर्म की रक्षा के प्रति उनकी दृढ़ता को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। इसके बाद सूर्पणखा के प्रसंग का मंचन हुआ। सूर्पणखा नासिका छेदन के दृश्य ने दर्शकों के बीच रोमांच पैदा किया।
इसके पश्चात त्रिसरा वध और खर-दूषण वध के प्रसंगों का मंचन किया गया। युद्ध के दृश्यों में कलाकारों ने अपने अभिनय और सशक्त संवादों से दर्शकों में उत्साह भर दिया।
रामलीला का प्रमुख आकर्षण सीता हरण का प्रसंग रहा। रावण द्वारा छलपूर्वक माता सीता का हरण किए जाने के दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया। इस प्रसंग के माध्यम से अहंकार, छल और अधर्म के परिणामों को दर्शाया गया। यह प्रसंग आगे होने वाले भगवान श्रीराम के संघर्ष, माता सीता की खोज और बुराई पर अच्छाई की विजय की पृष्ठभूमि तैयार करता है।
महेश नायल रहे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के अल्मोड़ा जिलाध्यक्ष श्री महेश नायल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रवि रौतेला, मनोज तिवारी, सुशीला वर्मा तथा होटल एसोसिएशन अल्मोड़ा के अध्यक्ष अरुण वर्मा शामिल रहे।
अतिथियों ने रामलीला के विभिन्न प्रसंगों के प्रभावशाली मंचन की सराहना करते हुए कहा कि रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था, नैतिक मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों को समाज तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी है।
उन्होंने कहा कि श्री लक्ष्मी भंडार हुक्का क्लब वर्षों से रामलीला की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अल्मोड़ा की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं, आदर्शों और मर्यादाओं को समझने का अवसर मिलता है। अतिथियों ने आयोजन से जुड़े कलाकारों, पदाधिकारियों और सहयोगियों के प्रयासों की सराहना की।
विनीत बिष्ट और राजेंद्र तिवारी के नेतृत्व में आयोजन
संस्था के अध्यक्ष एवं सचिव श्री विनीत बिष्ट तथा रामलीला संयोजक एवं पूर्व सभासद श्री राजेंद्र तिवारी के नेतृत्व में रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य वर्षों से चली आ रही इस ऐतिहासिक परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाना और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ना है।
रामलीला के सफल आयोजन में संस्था के पदाधिकारियों, सदस्यों, कलाकारों और व्यवस्थाओं में जुटे सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आयोजन को व्यवस्थित एवं आकर्षक बनाने में त्रिभुवन गिरी, हर्षवर्धन वर्मा, मीनाक्षी साह अग्रवाल, मीनाक्षी जोशी, ललित मोहन साह, मनोज साह, भारत गोस्वामी, कंचन बिष्ट, विजय चौहान, कैलाश साह, अभय उप्रेती, मणिकरण गुप्ता, मानस वाणी, पारस, रोहित साह, चंदन आर्य, गौरव तिवारी, आकांक्षा, नीलम भट्ट, गीता तिवारी, हर्षिता तिवारी, अभय साह, विनोद गिरी एवं मिश्रा जी का योगदान रहा।
सभी सहयोगियों के सामूहिक प्रयासों से मंचन और आयोजन से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं का सुचारु संचालन किया जा रहा है।
लकी ड्रॉ में दस दर्शकों को मिले पुरस्कार
दर्शकों की सहभागिता को और उत्साहपूर्ण बनाने के लिए प्रतिदिन की भांति लीला के समापन पर लकी ड्रॉ का आयोजन किया गया। इसमें दस भाग्यशाली दर्शकों को पुरस्कार प्रदान किए गए। इस पहल से दर्शकों में उत्साह देखने को मिला।
श्री लक्ष्मी भंडार हुक्का क्लब की रामलीला धार्मिक आस्था के साथ-साथ अल्मोड़ा की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक सहभागिता का भी प्रतीक है। संस्था से जुड़े सभी लोग इस ऐतिहासिक परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं, ताकि भगवान श्रीराम के आदर्शों और भारतीय संस्कृति की यह अमूल्य विरासत भविष्य में भी जीवंत बनी रहे।
हुक्का क्लब की रामलीला में राम प्रतिज्ञा से सीता हरण तक के प्रसंगों का भव्य मंचन
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