| अल्मोड़ा |
नगर निगम अल्मोड़ा के डुबकिया वार्ड संख्या 03 में सार्वजनिक रास्ते, हिंदू मंदिर एवं क्रिया-कर्म स्थल पर कथित अवैध अतिक्रमण का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बन गया है। स्थानीय पार्षद अंजू बिष्ट ने क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को औपचारिक शिकायत पत्र भेजते हुए मामले में तत्काल हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग की है।
मुख्यमंत्री को सौंपे गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि डुबकिया वार्ड के अंतर्गत एक निजी व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक रास्ते, हिंदू धर्मस्थल तथा क्रिया-कर्म घाट की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किया गया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस अतिक्रमण के कारण स्थानीय नागरिकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही धार्मिक आस्था से जुड़े स्थान प्रभावित होने के कारण लोगों में मानसिक और सामाजिक असंतोष भी लगातार बढ़ रहा है।
पार्षद अंजू बिष्ट ने कहा कि यह केवल एक जमीन विवाद का मामला नहीं है, बल्कि आम जनता की सुविधाओं, धार्मिक भावनाओं और पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर कब्जा होने के कारण स्थानीय लोगों को अंतिम संस्कार और अन्य धार्मिक कार्यों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को लिखित एवं मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर समाधान न निकलने से लोगों में गहरा रोष व्याप्त है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि प्रशासन की ढुलमुल कार्यप्रणाली के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
मुख्यमंत्री के अल्मोड़ा दौरे के दौरान क्षेत्रवासियों ने न्याय की उम्मीद के साथ यह मामला उनके समक्ष उठाया। शिकायती पत्र में मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि वे इस संवेदनशील विषय का स्वयं संज्ञान लें और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर तत्काल जांच कर अवैध अतिक्रमण हटाने के निर्देश जारी करें।
पार्षद अंजू बिष्ट ने कहा कि सार्वजनिक रास्ते और धार्मिक स्थलों को किसी भी हालत में कब्जे का शिकार नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्रवासी लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि सार्वजनिक मार्ग बाधित होने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं क्रिया-कर्म स्थल प्रभावित होने से धार्मिक रीति-रिवाजों के निर्वहन में भी बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।
शिकायत पत्र में मांग की गई है कि प्रशासन तत्काल राजस्व विभाग, नगर निगम और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम गठित कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए। साथ ही यदि अतिक्रमण पाया जाता है तो तत्काल प्रभाव से उसे हटाकर आम जनता के लिए रास्ता और स्थल पुनः बहाल किया जाए।
इस शिकायत पत्र पर पार्षद अंजू बिष्ट सहित वार्ड के अनेक गणमान्य नागरिकों और स्थानीय निवासियों ने हस्ताक्षर कर कार्रवाई की मांग की है। हस्ताक्षर करने वालों में राकेश बिष्ट, पूजा, महेश, दान सिंह, राजू, शांति देवी, धीरज रावत, दीपक, काला देवी, रीमा बिष्ट, हरदयाल सिंह, मजिंदर सिंह, खीम राज, हरीश सिंह, रणजीत सिंह, हाफिज सहित अन्य स्थानीय निवासी शामिल रहे।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन तेज करने को मजबूर होंगे।
डुबकिया वार्ड में सार्वजनिक रास्ते और मंदिर स्थल पर अतिक्रमण का आरोप, पार्षद ने मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
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