अल्मोड़ा। हल्द्वानी रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित रूप से कुछ लोगों द्वारा किए गए शुद्धिकरण के मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं एवं पार्षदों ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेताओं ने इस कृत्य को शर्मनाक बताते हुए कहा कि इससे सामाजिक सौहार्द और देश की लोकतांत्रिक भावना को ठेस पहुंची है।
अल्मोड़ा में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि हल्द्वानी में हुई घटना के बाद कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ इस मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराने की बात सामने आते ही उनके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर दी गई। वहीं, दूसरी ओर उत्तराखंड के नेता प्रतिपक्ष द्वारा कथित शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के प्रयास के दौरान उन्हें दो से तीन घंटे तक रोके जाने का आरोप लगाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह स्थिति प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इसी मामले को लेकर अल्मोड़ा में भी जब कांग्रेस कार्यकर्ता एवं नेता प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कोतवाली पहुंचे तो उन्हें भी कथित तौर पर दो से तीन घंटे तक इंतजार कराया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि कानून सभी के लिए समान है या नहीं।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने अल्मोड़ा सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा द्वारा इस प्रकरण पर की गई कथित टिप्पणी पर भी नाराजगी जताई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सांसद द्वारा संसद में इस मुद्दे को उठाए जाने को लेकर कथित तौर पर हंसकर टिप्पणी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सामाजिक भेदभाव और छुआछूत जैसे मुद्दे किसी भी वर्ग या व्यक्ति के लिए मजाक का विषय नहीं हो सकते।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, सांसद द्वारा पहले यह कहा गया कि उन्होंने मामले की जानकारी ली है और वहां केवल हवन किया गया था, जबकि बाद में कथित तौर पर यह भी कहा गया कि शुद्धिकरण करने वालों का भाजपा से कोई संबंध नहीं है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि संबंधित लोगों का भाजपा से कोई संबंध नहीं है तो भाजपा और उसके जनप्रतिनिधियों द्वारा उनका कथित रूप से बचाव क्यों किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश ने संविधान के माध्यम से छुआछूत और सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने का संकल्प लिया है। ऐसे में सार्वजनिक स्थानों पर किसी व्यक्ति या समुदाय के कार्यक्रम के बाद कथित शुद्धिकरण जैसी घटनाएं समाज को पीछे ले जाने वाली मानसिकता को दर्शाती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा देश को 18वीं और 19वीं शताब्दी की ओर ले जाने का प्रयास कर रही है, जब छुआछूत और सामाजिक भेदभाव समाज पर हावी था। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए ऐसी मानसिकता का विरोध जरूरी है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड की जनता आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में ऐसे मामलों का जवाब अपने मताधिकार के माध्यम से देगी। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की।
पत्रकार वार्ता में दीपक कुमार, अनूप भारती, विकास कुमार, प्रदीप कुमार, मुकेश कुमार डैनी एवं नवीन चंद्र आर्य, सभी पार्षद नगर निगम अल्मोड़ा, मौजूद रहे।
शुद्धिकरण मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर साधा निशाना, कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
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