नगर निगम की बैठक में आए प्रस्ताव पर बोले—सड़क, नाली, पेयजल और सफाई पर खर्च हो राशि
अल्मोड़ा। नगर निगम अल्मोड़ा की बैठक में पार्षदों को मानदेय दिए जाने के प्रस्ताव को लेकर मतभेद गहराते जा रहे हैं। पहले पार्षद अमित शाह और ज्योति साह द्वारा इस प्रस्ताव का विरोध किए जाने के बाद अब पार्षद अभिषेक जोशी ने भी इसका खुलकर विरोध किया है। उनका कहना है कि वर्तमान समय में नगर निगम की प्राथमिकता जनप्रतिनिधियों का मानदेय नहीं, बल्कि शहर का समग्र विकास होना चाहिए।
पार्षद अभिषेक जोशी ने कहा कि नगर निगम के सीमित वित्तीय संसाधनों का उपयोग जनता की मूलभूत समस्याओं के समाधान में किया जाना अधिक आवश्यक है। यदि मानदेय पर खर्च होने वाली राशि को विकास कार्यों के लिए उपयोग किया जाए तो शहर के विभिन्न वार्डों में लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि शहर के कई क्षेत्रों में सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, नालियों की नियमित सफाई नहीं हो पा रही है, पेयजल आपूर्ति की समस्याएं बनी हुई हैं और स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने की आवश्यकता है। ऐसे में नगर निगम का प्रत्येक रुपया जनहित में खर्च होना चाहिए।
अभिषेक जोशी का कहना है कि जनप्रतिनिधि जनता की सेवा के लिए चुने जाते हैं। यदि उपलब्ध संसाधनों को विकास कार्यों में लगाया जाएगा तो इसका सीधा लाभ शहरवासियों को मिलेगा और नगर निगम के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम को वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। शहर की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किए बिना मानदेय जैसे प्रस्तावों पर विचार करना उचित नहीं होगा।
गौरतलब है कि नगर निगम की बैठक में पार्षदों को मानदेय दिए जाने के प्रस्ताव को लेकर लगातार विरोध के स्वर सामने आ रहे हैं। पहले अमित शाह और ज्योति साह ने इसका विरोध किया था और अब अभिषेक जोशी के विरोध के बाद यह मुद्दा और अधिक चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में इस प्रस्ताव पर नगर निगम का अंतिम निर्णय क्या होगा, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।



