अल्मोड़ा। IISER पुणे एवं SCERT उत्तराखंड के संयुक्त तत्वावधान में विज्ञान एवं गणित शिक्षकों के लिए आयोजित तीन दिवसीय IRISE कार्यशाला का शुभारंभ मंगलवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) अल्मोड़ा में हुआ। कार्यशाला का उद्घाटन DIET के प्राचार्य महेंद्र सिंह भंडारी एवं वरिष्ठ प्रवक्ता डॉ. भुवन चंद्र पांडे ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला समन्वयक डॉ. कमलेश सिराड़ी, विषय विशेषज्ञों तथा जनपद के विभिन्न विद्यालयों से आए विज्ञान एवं गणित शिक्षक उपस्थित रहे।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में विज्ञान एवं गणित जैसे विषयों को विद्यार्थियों के लिए अधिक रोचक, सरल एवं जीवनोपयोगी बनाने के लिए गतिविधि-आधारित एवं नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को अपनाना आवश्यक है। IRISE कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता तथा नवाचार को बढ़ावा देना है।
कार्यशाला के प्रथम दिवस में पांच प्रमुख सत्र आयोजित किए गए। पहले सत्र में अंकित जोशी ने कार्यशाला के उद्देश्यों एवं स्वरूप की जानकारी दी। दूसरे सत्र में देवेश कुमार तिवारी ने ‘मैथेमेटिकल कनेक्शन’ विषय पर गणितीय अवधारणाओं को दैनिक जीवन से जोड़ने के प्रभावी तरीकों पर चर्चा की। तीसरे सत्र ‘केमिस्ट्री अराउंड अस’ में अंकित जोशी ने दैनिक जीवन में रसायन विज्ञान की उपयोगिता को गतिविधियों के माध्यम से समझाया।
चौथे सत्र में गिरीश चंद्र मठपाल ने ‘इकोसिस्टम’ विषय पर पारिस्थितिकी तंत्र एवं पर्यावरणीय अवधारणाओं को गतिविधि-आधारित शिक्षण से जोड़ने पर प्रकाश डाला। अंतिम ‘रिफ्लेक्शन’ सत्र का संचालन निम्मी बिष्ट ने किया, जिसमें प्रतिभागी शिक्षकों ने दिनभर की सीख एवं अनुभव साझा किए।
कार्यशाला में शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई। आगामी दो दिनों में विज्ञान एवं गणित शिक्षण को अधिक प्रभावी, विद्यार्थी-केंद्रित और नवाचारी बनाने संबंधी विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।



