अल्मोड़ा। धारानौला मोहल्ले के निवासियों में बावन सीढ़ी के पास लगाए गए गेट को लेकर भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा को ज्ञापन सौंपकर मार्ग को पुनः खोलने की मांग की है। लोगों का कहना है कि नगर निगम द्वारा टू-व्हीलर मार्ग को बंद कर दिए जाने से आम जनता को रोजमर्रा की जिंदगी में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
मोहल्लेवासियों के अनुसार, यह मार्ग लंबे समय से स्थानीय लोगों की सुविधा का प्रमुख रास्ता रहा है। इस मार्ग के माध्यम से लोग आसानी से अपने घरों तक पहुंचते थे। लेकिन दिन के समय गेट बंद रहने के कारण अब लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे बुजुर्ग, महिलाएं और विद्यार्थी सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि नगर निगम प्रशासन ने स्कूल के बच्चों की सुरक्षा का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है। हालांकि लोगों का कहना है कि शहर के कई अन्य क्षेत्रों में भी स्कूल संचालित हैं, जहां प्रतिदिन बच्चों की आवाजाही होती है। एडम्स, रानीधारा और पल्टन बाजार जैसे क्षेत्रों में भी स्कूल हैं, लेकिन वहां इस प्रकार की कोई पाबंदी लागू नहीं की गई है।
लोगों ने कहा कि पल्टन बाजार थाने के पास लगा गेट अधिकांश समय खुला रहता है और वहां से लगातार वाहन गुजरते हैं। ऐसे में केवल धारानौला क्षेत्र में सख्ती बरतना लोगों के लिए समझ से परे है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
गेट बंद होने का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों पर पड़ा है। यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक खराब हो जाए तो वाहन सीधे घर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को पैदल ले जाने की मजबूरी बन रही है। लोगों ने चिंता जताई कि यदि किसी गंभीर मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाना पड़े तो देरी होने से बड़ा खतरा पैदा हो सकता है।
इसके अतिरिक्त ऑनलाइन डिलीवरी, कोरियर सेवा और अन्य आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। बड़े सामान जैसे फर्नीचर, प्लाई, अलमारी और बैड आदि घर तक पहुंचाने में भारी दिक्कत आ रही है। छात्रों को कॉलेज और कोचिंग आने-जाने में अतिरिक्त समय लग रहा है।
मोहल्लेवासियों ने कहा कि सरकार का उद्देश्य जनता को बेहतर सड़क और यातायात सुविधा प्रदान करना है। प्रधानमंत्री द्वारा गांव-गांव और घर-घर तक सड़क सुविधा पहुंचाने की योजनाएं चलाई जा रही हैं। ऐसे समय में नगर निगम द्वारा मार्ग बंद करना विकास की भावना के विपरीत प्रतीत होता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जनता की परेशानियों को देखते हुए इस मामले का जल्द समाधान किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि बच्चों की सुरक्षा चिंता का विषय है तो स्पीड लिमिट, चेतावनी बोर्ड या निगरानी की व्यवस्था की जा सकती है, लेकिन पूरे मार्ग को बंद करना उचित समाधान नहीं है।
क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष हस्तक्षेप करने और गेट खुलवाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है। फिलहाल मोहल्लेवासी प्रशासन से सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
बावन सीढ़ी मार्ग पर लगा गेट बना जनता की परेशानी का कारण, प्रशासन से समाधान की मांग
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