
स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए सीमित समय पर गेट बंद करने का सुझाव, पूरे दिन बंद रखने का किया विरोध
अल्मोड़ा (संवाददाता):
गोपालधारा मार्ग में गेट लगाए जाने की खबर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है। सोशल मीडिया और विभिन्न समाचार माध्यमों में खबर प्रसारित होने के बाद क्षेत्रवासियों ने इसे आम जनता की सुविधाओं को खत्म करने वाला निर्णय बताया है। इसी क्रम में बुधवार, 25 मार्च 2026 को स्थानीय लोगों ने नगर आयुक्त, नगर निगम अल्मोड़ा से मुलाकात कर इस निर्णय का विरोध जताया और ज्ञापन सौंपा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आज के समय में सरकार जहां हर घर तक सड़क और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने की बात कर रही है, वहीं जमीनी स्तर पर ऐसी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं, जो लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही को बाधित कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि कुछ अराजक तत्वों द्वारा किए गए कृत्यों के कारण पूरे समाज को दंडित करना उचित नहीं है।
इस मुद्दे पर पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष युवम वोहरा ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुबह स्कूल जाने के समय और शाम छुट्टी के समय गेट बंद करना एक व्यावहारिक समाधान हो सकता है, लेकिन पूरे दिन गेट बंद रखना पूरी तरह से बेबुनियाद और अव्यवहारिक है। इससे आम जनमानस को भारी असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि गढ़ा मुक्त सड़क की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा स्कूल आने-जाने वाले मार्गों पर पुलिस प्रशासन की सहायता से होमगार्ड की नियुक्ति की जाए। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की भी मांग की गई।
नगर आयुक्त और महापौर, नगर निगम अल्मोड़ा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इस मामले में जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह पूरी तरह जनहित में होगा और किसी भी व्यक्ति को असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने अन्य समस्याओं के शीघ्र समाधान का भी भरोसा दिलाया।
ज्ञापन देने वालों में दीपक गुरुरानी, युवम वोहरा, आशीर्वाद गोस्वामी, अजय वालिया, सक्षम गोयल, राजीव अग्रवाल, हिमांशु मनराल, हर्ष पटवा, रक्षित गोयल, करण नजोन, भोला शंकर जोशी, आयुष पांडेय, नामित जोशी, महेश राठौर, अनिरुद्ध वालिया, बिशन बोरा, चिमन कुमार सहित अनेक स्थानीय लोग मौजूद रहे।
स्थानीय नागरिकों ने स्पष्ट किया कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसी भी योजना को लागू करने से पहले जनता की सुविधा और जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि इस निर्णय पर पुनर्विचार कर आम लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उचित समाधान निकाला जाए।



