नैनीताल जिले के आठ विकासखंडों के 96 दलों ने किया प्रतिभाग, वरिष्ठ वर्ग की प्रतियोगिताएं संपन्न
हल्द्वानी। उत्तराखंड संस्कृत संस्थान के तत्वावधान में के.वी.एम. पब्लिक स्कूल, लामाचौड़ में आयोजित दो दिवसीय जनपद स्तरीय संस्कृत छात्र प्रतियोगिता के दूसरे दिन वरिष्ठ वर्ग की विभिन्न प्रतियोगिताएं उत्साहपूर्वक संपन्न हुईं। प्रतियोगिता में नैनीताल जनपद के आठ विकासखंडों से 96 दलों ने प्रतिभाग कर संस्कृत भाषा, साहित्य एवं भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 9:30 बजे हुआ। इस दौरान संस्कृत नाटक, समूहगान, समूह नृत्य, वाद-विवाद, आशुभाषण तथा श्लोकोच्चारण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों से निर्णायकों एवं अतिथियों का ध्यान आकर्षित किया।
संस्कृत नाटक में महादेवगिरि संस्कृत विद्यालय, हल्द्वानी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। समूहगान प्रतियोगिता में दुर्गा दत्त कपिलाश्रमी उत्तर मध्यमा विद्यालय, हल्द्वानी ने बाजी मारी। समूह नृत्य में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, दौलिया ने प्रथम स्थान हासिल किया।
इसी प्रकार संस्कृत वाद-विवाद प्रतियोगिता में राजकीय इंटर कॉलेज, पातलोट ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि आशुभाषण प्रतियोगिता में राजकीय इंटर कॉलेज, पश्या ने बाजी मारी। श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता में श्री सनातन धर्म संस्कृत विद्यालय, रेलवे बाजार, हल्द्वानी ने प्रथम स्थान हासिल कर अपनी श्रेष्ठता साबित की।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अभिनय, गायन, नृत्य, वक्तृत्व-कौशल तथा श्लोक पाठ के माध्यम से संस्कृत की समृद्ध परंपरा और भारतीय संस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों में प्रतियोगिता को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम का संचालन जनपद संयोजक हेम चन्द्र जोशी ने किया। इस अवसर पर सह-संयोजक डॉ. राजेन्द्र भट्ट सहित संस्कृत शिक्षा से जुड़े शिक्षक, निर्णायक, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
जनपद संयोजक हेम चन्द्र जोशी ने कहा कि संस्कृत प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में भाषा के प्रति रुचि विकसित करने के साथ उनकी रचनात्मकता, आत्मविश्वास और मंचीय कौशल को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। संस्कृत भारतीय ज्ञान, संस्कृति और परंपरा की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को संस्कृत से जोड़ने के लिए ऐसे आयोजन निरंतर किए जाने चाहिए।




