महापौर अजय वर्मा ने किया दीप प्रज्वलित, बिट्टू कर्नाटक के रावण अभिनय को देखने उमड़े दर्शक
अल्मोड़ा। श्री भुवनेश्वर महादेव मंदिर एवं रामलीला समिति, कर्नाटकखोला द्वारा रविवार को प्रथम नवरात्र के अवसर पर रामधुन और सरस्वती वंदना के साथ रामलीला मंचन का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि नगर निगम अल्मोड़ा के महापौर अजय वर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया। प्रथम दिवस की रामलीला में रावण, कुंभकरण और विभीषण की तपस्या, भगवान शिव से वरदान प्राप्त करने, शिव तांडव तथा भगवान श्रीराम सहित चारों भाइयों और माता सीता के जन्म के प्रसंगों का मंचन किया गया।
रामलीला के शुभारंभ अवसर पर धार्मिक वातावरण के बीच कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को रामायण के विभिन्न प्रसंगों से जोड़ा। मंचन के दौरान बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे। वहीं, ऑनलाइन प्रसारण के माध्यम से देश-विदेश में रहने वाले रामभक्तों ने भी रामलीला का आनंद लिया और अपनी प्रतिक्रियाओं के माध्यम से प्रस्तुतियों की सराहना की।
राम के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का संदेश
मुख्य अतिथि महापौर अजय वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान श्रीराम के जीवन चरित्र और आदर्शों से सीख लेकर उनके गुणों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और आदर्श आचरण की प्रेरणा देता है। उन्होंने रामलीला समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समिति के संस्थापक एवं संयोजक बिट्टू कर्नाटक द्वारा आयोजित किए जाने वाले सांस्कृतिक और ऐतिहासिक कार्यक्रम अल्मोड़ा की धरोहर, विरासत और संस्कृति को आगे बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होंगे।
उन्होंने कहा कि रामलीला जैसे आयोजन धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ ही नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।
रावण, कुंभकरण और विभीषण की तपस्या का मंचन
प्रथम दिवस की लीला में रावण, कुंभकरण और विभीषण की तपस्या तथा उनके द्वारा देवों के देव महादेव से वरदान प्राप्त करने के प्रसंग का प्रभावशाली मंचन किया गया। इसके बाद नारद मुनि के कहने पर रावण द्वारा भगवान शिव के धाम कैलाश को लंका ले जाने के प्रयास और इस पर भगवान शिव के क्रोधित होने का दृश्य प्रस्तुत किया गया।
रामलीला का प्रमुख आकर्षण शिव तांडव रहा। दशानन रावण के रूप में वरिष्ठ रंगकर्मी बिट्टू कर्नाटक ने अपने अभिनय, संवाद अदायगी और शिव तांडव की प्रस्तुति से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। उनके अभिनय को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
इसके बाद राजा दशरथ द्वारा किए गए यज्ञ के प्रभाव से भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के जन्म का प्रसंग मंचित हुआ। वहीं, राजा जनक द्वारा हल चलाने के दौरान माता सीता के जन्म की लीला प्रस्तुत की गई। चारों राजकुमारों और माता सीता के जन्म की खुशी में सुंदर मंगलगीतों का गायन किया गया। देवगणों की स्तुति ने मंचन को भक्तिमय बना दिया।
कलाकारों ने निभाए विभिन्न पात्र
रामलीला में दशानन रावण की भूमिका वरिष्ठ रंगकर्मी बिट्टू कर्नाटक ने निभाई। कुंभकरण के पात्र में अभिषेक तिवारी, विभीषण के पात्र में राहुल जोशी, भगवान शिव के रूप में दिव्या कांडपाल, माता पार्वती के रूप में किरन कोरंगा तथा नारद मुनि की भूमिका में अमर बोरा मंच पर नजर आए।
राजा जनक की भूमिका रेखा जोशी और किरन कोरंगा ने, जबकि राजा दशरथ का अभिनय अमर बोरा ने किया। माता कौशल्या के पात्र में मीनाक्षी जोशी और माता सुमित्रा की भूमिका में सुनीता बगड़वाल ने अभिनय किया।
देवगणों की भूमिकाओं में आशा मेहता, रेखा जोशी, सृष्टि जनौटी, मीनाक्षी जोशी, सुनीता बगड़वाल, गीतांजलि पांडे, निकन्द्रया, रिया तिवारी, मिष्टी मेहता, पृथ्वी और हर्षिता बगड़वाल ने सहभागिता की। मुनियों के वेश में तनोज कर्नाटक और गौरव कांडपाल नजर आए। रावण दूत की भूमिका कृष्णा जलाल और करन कुमार ने निभाई, जबकि ब्रह्मा के रूप में कविता पांडे ने मंचन किया।
कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से रामायण के प्रारंभिक प्रसंगों को जीवंत किया। विशेष रूप से रावण के संवाद और शिव तांडव की प्रस्तुति दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रही।
देश-विदेश के दर्शकों ने ऑनलाइन देखा मंचन
रामलीला के दौरान स्थानीय दर्शकों के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यम से जुड़े लोगों ने भी प्रस्तुतियों का आनंद लिया। देश-विदेश में रहने वाले लोगों ने अपने संदेशों के माध्यम से मंचन की सराहना की। ऑनलाइन प्रसारण के माध्यम से अल्मोड़ा की सांस्कृतिक परंपरा को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
देश-विदेश के दर्शक रात 9 बजे से देख सकेंगे रामलीला का लाइव प्रसारण
रामलीला के मंचन का आनंद स्थानीय दर्शकों के साथ-साथ देश-विदेश में रहने वाले रामभक्त भी ऑनलाइन माध्यम से ले सकेंगे। श्री भुवनेश्वर महादेव मंदिर एवं रामलीला समिति, कर्नाटकखोला की रामलीला का रात्रि 9 बजे से ‘खबर सत्यवार्ता’ एवं ‘सत्य पथ न्यूज़’ के YouTube चैनलों पर लाइव प्रसारण किया जाएगा। इसके माध्यम से दर्शक घर बैठे रामलीला की विभिन्न लीलाओं का सीधा प्रसारण देख सकेंगे। आयोजकों का उद्देश्य अल्मोड़ा की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना और देश-विदेश में रह रहे लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।
कार्यक्रम में लीलाधर कांडपाल, पूरन चंद तिवारी, एमडी कांडपाल, रमेश चंद्र जोशी, जगदीश चंद्र तिवारी, भुवन चंद्र कर्नाटक, नारायण दत्त तिवारी, भूपेंद्र सिंह बिष्ट, आनंद सिंह नयाल, वरुण सिंह, जीवन चंद्र तिवारी, कपिल मल्होत्रा, बद्री प्रसाद कर्नाटक, दिनेश मठपाल, कमलेश कर्नाटक, कैलाश चंद्र तिवारी, अशोक बनकोटी, अनिल रावत, मनीष जोशी, अभिषेक जोशी, हिमांशु बिष्ट, राहुल नेगी, भरत, विक्की और देवेंद्र गोस्वामी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन भावना मल्होत्रा ने किया।
सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की पहल
श्री भुवनेश्वर महादेव मंदिर एवं रामलीला समिति, कर्नाटकखोला द्वारा आयोजित रामलीला धार्मिक आस्था के साथ-साथ अल्मोड़ा की सांस्कृतिक पहचान को आगे बढ़ाने का माध्यम है। ऐसे आयोजन स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करने, पारंपरिक रंगमंच को जीवित रखने और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रथम दिवस की रामलीला में दर्शकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने आयोजन के प्रति लोगों की रुचि को दर्शाया। समिति के प्रयासों से रामकथा के प्रसंगों को मंच पर जीवंत करते हुए मर्यादा, भक्ति और आदर्श जीवन का संदेश जन-जन तक पहुंचाने की पहल की गई।
कर्नाटक खोला से रामलीला का मंचन का सीधा प्रसारण
सत्य पथ न्यूज
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