पांडेखोला पहुंची मंदिर समिति और श्रद्धालुओं की टोली, शुक्रवार सुबह छह बजे होगी कदली वृक्षों की शोभायात्रा
अल्मोड़ा। ऐतिहासिक मां नंदादेवी मेले की धार्मिक परंपराओं के तहत गुरुवार को नंदादेवी मंदिर समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु धूमधाम के साथ पांडेखोला पहुंचे। यहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार कदली वृक्षों को नंदादेवी मंदिर आने का निमंत्रण दिया गया। इस अवसर पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मां नंदादेवी से क्षेत्र और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की गई।
कदली वृक्षों को निमंत्रण देने की यह परंपरा नंदादेवी मेले के धार्मिक आयोजनों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। गुरुवार को पांडेखोला में पूजा-अर्चना के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। धार्मिक अनुष्ठान के बीच कदली वृक्षों की पूजा की गई और उन्हें शुक्रवार को नंदादेवी मंदिर परिसर में लाने की तैयारियां पूरी की गईं।
मंदिर समिति के अनुसार शुक्रवार सुबह छह बजे पांडेखोला से कदली वृक्षों को नंदादेवी मंदिर के लिए लाया जाएगा। इस दौरान नगर में धार्मिक उत्सव का वातावरण रहेगा। श्रद्धालु पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ कदली वृक्षों की शोभायात्रा में शामिल होंगे। कदली वृक्षों के मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद नंदादेवी की प्रतिमा निर्माण की परंपरागत प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इस धार्मिक परंपरा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। कदली वृक्षों को मंदिर तक लाने की प्रक्रिया नंदादेवी मेले के प्रमुख धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल है और इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग नगर में पहुंचते हैं।
गुरुवार को पांडेखोला पहुंचे दल में पंडित तारा चंद्र जोशी, पंडित प्रमोद पाठक, पंडित शेखर चंद्र मिश्रा, पंडित विनोद जोशी, राजपुरोहित नागेश पंत, हरीश पंत, व्यवस्थापक नरेंद्र वर्मा ‘मुन्ना’, मेयर अजय वर्मा, दर्जा मंत्री गंगा बिष्ट, सचिव मनोज सनवाल, पार्षद अमित साह ‘मोनू’, मुख्य सांस्कृतिक संयोजक अर्जुन बिष्ट ‘चीमा’, पार्षद अभिषेक जोशी, पार्षद कमलेश मेर, मूर्ति संयोजक रवि गोयल, रवि कन्नौजिया, नमन बिष्ट, संजय साह, हरीश बिष्ट, हेमलता वर्मा, किरण साह, रजनी पंत, दीपा पांडे, बीना नयाल, अंजू बिष्ट, पूनम त्रिपाठी सहित दर्जनों श्रद्धालु शामिल रहे।
कदली वृक्षों की पूजा में स्थानीय मनीष पाठक, हेमलता पाठक, जगदीश उपाध्याय और भगवती उपाध्याय ने भी सहभागिता की।
पांडेखोला में पूजा-अर्चना के साथ ही शुक्रवार को होने वाले धार्मिक आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अब श्रद्धालुओं की निगाहें शुक्रवार सुबह होने वाली कदली वृक्षों की शोभायात्रा पर टिकी हैं। कदली वृक्षों के नंदादेवी मंदिर पहुंचने के बाद मेले की धार्मिक परंपराएं अगले चरण में प्रवेश करेंगी।
कदली वृक्षों को नंदादेवी मंदिर आने का निमंत्रण
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