पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चन्द्र जोशी ने बताया रामलीला को अल्मोड़ा की सांस्कृतिक पहचान, कलाकारों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
अल्मोड़ा। नगर की ऐतिहासिक धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए श्री लक्ष्मी भंडार हुक्का क्लब की रामलीला के प्रथम दिवस रामायण के विभिन्न प्रसंगों का भव्य मंचन किया गया। भगवान श्रीराम एवं माता सीता के जन्म से लेकर गौरी पूजन तक की लीलाओं ने दर्शकों को भक्तिभाव से सराबोर कर दिया। कलाकारों ने अपने प्रभावशाली अभिनय, सशक्त संवाद अदायगी और मधुर गायन के माध्यम से रामकथा के प्रसंगों को जीवंत कर दिया।
रामलीला के प्रथम दिवस रावण के अत्याचार, देवगणों की प्रार्थना, भगवान श्रीराम का जन्म, माता सीता का जन्म, दशरथ-विश्वामित्र संवाद, ताड़िका वध, सुबाहु एवं मारीच वध, अहिल्या उद्धार और गौरी पूजन जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया गया। प्रत्येक दृश्य में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को रामायण की कथा और उसके आदर्शों से जोड़ने का प्रयास किया।
राम जन्म और सीता जन्म के प्रसंगों ने किया भावविभोर
रामलीला की शुरुआत रावण के अत्याचारों से त्रस्त देवताओं की प्रार्थना और भगवान विष्णु के श्रीराम के रूप में अवतार लेने के प्रसंग से हुई। इसके बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम के जन्म और जनकपुरी में माता सीता के जन्म के दृश्यों का मंचन किया गया। इन प्रसंगों ने रामलीला के वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इसके उपरांत महर्षि विश्वामित्र और राजा दशरथ के बीच संवाद का मंचन हुआ। यज्ञ की रक्षा के लिए महर्षि विश्वामित्र द्वारा भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ ले जाने का प्रसंग दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया गया। वन में ताड़िका वध तथा यज्ञ में विघ्न डालने वाले सुबाहु और मारीच से जुड़े दृश्यों ने रामलीला को आगे बढ़ाया।
वहीं अहिल्या उद्धार के प्रसंग में भगवान श्रीराम की कृपा और भक्ति की महत्ता को दर्शाया गया। गौरी पूजन के दृश्य में माता सीता की श्रद्धा, आस्था और भक्ति का सुंदर चित्रण देखने को मिला। कलाकारों के अभिनय, संवाद और गायन के समन्वय ने मंचन को प्रभावशाली बनाया।
प्रकाश चन्द्र जोशी ने बताई रामलीला की सांस्कृतिक महत्ता
प्रथम दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अल्मोड़ा के पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश चन्द्र जोशी एवं पूर्व अर्बन कोऑपरेटिव बैंक अध्यक्ष आनंद सिंह बगड़वाल उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में नर्सिंगबाड़ी वार्ड के पार्षद रोहित कार्की, डुबकिया वार्ड की पार्षद अंजू बिष्ट तथा रामशिला वार्ड के पार्षद नवीन आर्य शामिल रहे। अतिथियों ने रामलीला का अवलोकन कर कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की।
मुख्य अतिथि प्रकाश चन्द्र जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि रामलीला अल्मोड़ा की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, त्याग, कर्तव्य और आदर्श आचरण की प्रेरणा देता है। रामलीला जैसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धार्मिक मान्यताओं और गौरवशाली इतिहास से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने आयोजन से जुड़े कलाकारों, आयोजकों और सहयोगियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित रखने के लिए समाज की सामूहिक सहभागिता आवश्यक है।
पूर्व अर्बन कोऑपरेटिव बैंक अध्यक्ष आनंद सिंह बगड़वाल ने भी आयोजन की सराहना करते हुए रामलीला को धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण प्रतीक बताया।
आयोजन को सफल बनाने में जुटे रहे क्लब के सदस्य और सहयोगी
रामलीला के सफल आयोजन में क्लब के सचिव विनीत बिष्ट सहित त्रिभुवन गिरी, राजेंद्र तिवारी, हर्षवर्धन वर्मा, मीनाक्षी साह अग्रवाल, मीनाक्षी जोशी, ललित मोहन साह, मनोज साह, भारत गोस्वामी और कंचन बिष्ट सहित अनेक सदस्यों एवं सहयोगियों ने योगदान दिया।
आयोजन के विभिन्न दायित्वों के निर्वहन में विजय चौहान, कैलाश साह, अभय उप्रेती, मनिंकरण गुप्ता, मानस वाणी, पारस, रोहित साह, हरेंद्र वर्मा, चंद्रशेखर कांडपाल, जगत मोहन जोशी, अभय साह, विनोद गिरी, मिश्रा जी, चंदन आर्या, गौरव तिवारी, पूजा थापा, आकांक्षा, नीलम भट्ट, अजय साह सहित अन्य सहयोगी जुड़े रहे।
प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी संजय साह, कमल वर्मा, प्रेम प्रकाश और सुंदर जनौटी ने संभाली। मंच संचालन में प्रीति भट्ट, हिमांशु कांडपाल, मनोज जोशी, कैलाश साह, योगेश जोशी, अभय उप्रेती, अजय चौहान और दीवान बिष्ट ने सहयोग दिया। वहीं दीक्षा साह, गीता तिवारी, सौम्या और प्रिया सहित अन्य सहयोगियों ने भी आयोजन में अपनी भूमिका निभाई।
सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने की अपील
श्री लक्ष्मी भंडार हुक्का क्लब की रामलीला अल्मोड़ा की ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ लोक परंपराओं, रंगमंच और सामुदायिक सहभागिता को भी प्रोत्साहित करता है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही ऐसी परंपराएं नगर की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
क्लब परिवार ने सभी अतिथियों, कलाकारों, सहयोगियों और दर्शकों का आभार व्यक्त किया। साथ ही नगरवासियों से सपरिवार रामलीला में पहुंचकर कलाकारों का उत्साहवर्धन करने और इस गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने में सहयोग देने की अपील की।




