भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को पत्र भेजकर प्रदेश की कमान अनुसूचित जाति समाज को सौंपने पर विचार करने का सुझाव
अल्मोड़ा। भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता राजीव गुरुरानी ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को पत्र भेजकर उत्तराखंड में हिंदुत्व के साथ सामाजिक समरसता और दलित नेतृत्व को आगे बढ़ाने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा लगातार तीसरी बार प्रदेश में सरकार बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है तो हिंदुत्व के मुद्दे के साथ सर्वस्पर्शी नेतृत्व को भी प्राथमिकता देना आवश्यक है।
गुरुरानी ने अपने पत्र में उत्तराखंड की राजनीति में भाजपा के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1989 तक पर्वतीय उत्तर प्रदेश के क्षेत्र में भाजपा की चुनावी स्थिति कमजोर थी। उनके अनुसार, वर्ष 1990 में अल्मोड़ा में हुए राम ज्योति आंदोलन के बाद पार्टी को उत्तराखंड क्षेत्र में व्यापक जनसमर्थन मिला और भाजपा के सांसद लोकसभा तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में उत्तराखंड राज्य के गठन के बाद प्रदेश की राजनीति में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए। वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव में भाजपा सत्ता से बाहर हो गई और पार्टी 19 विधायकों तक सीमित रह गई। इसके बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच बारी-बारी से सरकार बनने का राजनीतिक मिथक बना।
गुरुरानी ने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाकर इस मिथक को तोड़ा। उन्होंने इसके पीछे राम मंदिर निर्माण और हिंदुत्व के प्रति जनता के विश्वास एवं समर्थन को भी महत्वपूर्ण कारक बताया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में कांग्रेस भी उत्तराखंड पर विशेष ध्यान दे रही है और हल्द्वानी से जुड़े राजनीतिक एवं सामाजिक विवादों के माध्यम से भाजपा को दलित विरोधी साबित करने का प्रयास किया जा रहा है।
भाजपा कार्यकर्ता ने पत्र में कहा कि राज्य गठन के बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों प्रमुख दलों ने मुख्यमंत्री पद के लिए मुख्यतः सवर्ण समाज से नेतृत्व दिया है। उन्होंने सुझाव दिया कि भाजपा को अनुसूचित जाति समाज से नेतृत्व को उचित अवसर और सम्मान देने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
गुरुरानी के अनुसार, यदि भाजपा हिंदुत्व, सामाजिक समरसता और दलित नेतृत्व को एक साथ लेकर आगे बढ़ती है और अनुसूचित जाति समाज के किसी नेता को प्रदेश की कमान सौंपने जैसे ऐतिहासिक निर्णय पर विचार करती है, तो इसका प्रदेश में व्यापक सकारात्मक संदेश जाएगा।
उन्होंने कहा कि ऐसा कदम भाजपा के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के संकल्प को भी और प्रभावी रूप से स्थापित कर सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि सामाजिक समरसता के साथ दलित नेतृत्व को आगे बढ़ाने से भाजपा की राजनीतिक स्थिति और मजबूत हो सकती है।
उत्तराखंड में हिंदुत्व के साथ समुदाय विशेष नेतृत्व को आगे बढ़ाए भाजपा: राजीव गुरुरानी
Leave a Comment
Leave a Comment



