अल्मोड़ा। कुमाऊँ क्षेत्र के प्रमुख संपर्क मार्गों में शामिल क़्वारब मार्ग का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाने से व्यापारियों और आम जनता की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। दो वर्षों से जारी इस समस्या के बावजूद प्रशासन अभी तक केवल हल्के वाहनों के संचालन तक ही सीमित समाधान दे पाया है। मालवाहक वाहनों की आवाजाही आज भी वैकल्पिक मार्ग पर पूरी तरह बंद है, जिसके कारण व्यापारिक गतिविधियों पर गंभीर असर पड़ रहा है।
अल्मोड़ा नगर एवं जिले के व्यापारियों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से जल्द प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। व्यापार मंडल का कहना है कि मालवाहक वाहनों के लिए मार्ग बंद रहने से परिवहन लागत लगभग दोगुनी हो चुकी है। इसका सीधा असर बाजारों में बिकने वाले सामानों की कीमतों पर पड़ रहा है। व्यापारियों के अनुसार यदि जल्द मार्ग नहीं खोला गया तो महंगाई और अधिक बढ़ सकती है।
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि कुमाऊँ क्षेत्र पहले से ही आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। व्यापार में गिरावट, बढ़ती लागत और ग्राहकों की कम होती क्रय क्षमता ने व्यापारियों की स्थिति कमजोर कर दी है। ऐसे समय में परिवहन संकट व्यापारियों के लिए अतिरिक्त परेशानी बन गया है। कई व्यापारियों को अब सामान मंगाने में पहले से अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
स्थानीय बाजारों में फल, सब्जियां, राशन, सीमेंट, लोहे और अन्य निर्माण सामग्री की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। व्यापारियों का कहना है कि लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाने के कारण ट्रांसपोर्टरों को अतिरिक्त डीजल खर्च उठाना पड़ रहा है। साथ ही समय अधिक लगने से माल की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। इसका असर छोटे व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों पर दिखाई देने लगा है।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन लगातार केवल आश्वासन दे रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस सुधार नहीं दिखाई दे रहा। दो वर्षों के बाद भी वैकल्पिक मार्ग भारी वाहनों के संचालन योग्य नहीं बन पाया है। सड़क की चौड़ाई, सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी मजबूती के अभाव में मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित बनी हुई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क़्वारब मार्ग कुमाऊँ क्षेत्र के लिए जीवनरेखा की तरह है। यह मार्ग कई जिलों को जोड़ता है और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति इसी रास्ते से होती है। ऐसे में भारी वाहनों का संचालन बंद रहने से पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
परिवहन व्यवसायियों ने भी अपनी समस्याएं सामने रखीं। उनका कहना है कि लंबे रूट के कारण वाहनों की मेंटेनेंस लागत बढ़ रही है। कई बार खराब सड़कों के कारण वाहनों में तकनीकी खराबी आ रही है। ट्रांसपोर्टरों को अतिरिक्त टैक्स, ईंधन और समय का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इससे माल ढुलाई महंगी हो गई है।
व्यापार मंडल ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मालवाहक वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग को तत्काल खोला जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को जनहित में प्राथमिकता के आधार पर सड़क सुधार कार्यों को पूरा करना चाहिए। व्यापारियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने पर विचार करेंगे।
स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि केवल अस्थायी समाधान के बजाय स्थायी व्यवस्था की जाए। जनता का कहना है कि सड़क समस्या के कारण छात्रों, मरीजों, व्यापारियों और आम यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बढ़ती महंगाई ने आम लोगों का बजट बिगाड़ दिया है और परिवहन संकट ने स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया है।
व्यापारियों ने कहा कि कुमाऊँ की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बेहतर सड़क व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। यदि सड़कें सुरक्षित और सुचारु रहेंगी तभी व्यापार, पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिल सकेगा। जनता अब प्रशासन से जल्द ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रही है।



