अल्मोड़ा। भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड के प्रथम प्रदेश अध्यक्ष, अल्मोड़ा से पहली बार कमल चुनाव चिन्ह पर विजय प्राप्त करने वाले वरिष्ठ नेता एवं पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री स्वर्गीय पूरन चंद्र शर्मा की जयंती के अवसर पर “विरासत हमर अल्मोड़ा” संस्था द्वारा उनके आवास पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संस्था के पदाधिकारियों, भाजपा कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लेते हुए स्वर्गीय शर्मा को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वर्गीय पूरन चंद्र शर्मा के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर संस्था के सदस्यों ने उनके परिजनों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया तथा उनके सामाजिक एवं राजनीतिक योगदान को स्मरण किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए “विरासत हमर अल्मोड़ा” के संयोजक राजीव गुरुरानी ने कहा कि स्वर्गीय पूरन चंद्र शर्मा उन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी की मजबूत नींव रखने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने कहा कि जब संगठन अपने शुरुआती दौर में था, तब शर्मा जी ने कठिन परिस्थितियों में जनसंघ और भाजपा की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अथक परिश्रम किया।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय पूरन चंद्र शर्मा और स्वर्गीय गोविंद सिंह बिष्ट जैसे नेताओं का योगदान केवल राजनीतिक नहीं बल्कि वैचारिक और संगठनात्मक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। इन नेताओं ने अपने समर्पण, संघर्ष और जनसेवा के माध्यम से संगठन को मजबूत आधार प्रदान किया। आज भाजपा जिस स्थिति में पहुंची है, उसमें ऐसे पुरोधा नेताओं की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता।
राजीव गुरुरानी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समय के साथ अनेक ऐसे नेताओं का योगदान इतिहास के पन्नों तक सीमित होता जा रहा है। नई पीढ़ी को उनके संघर्ष और राष्ट्रसेवा की जानकारी देने के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि स्वर्गीय पूरन चंद्र शर्मा और गोविंद सिंह बिष्ट जैसे वरिष्ठ नेताओं की स्मृतियों को संरक्षित करने के लिए उनके नाम पर किसी महत्वपूर्ण संस्थान की स्थापना की जाए अथवा अल्मोड़ा जनपद में उनकी आदमकद प्रतिमाएं स्थापित की जाएं।
उन्होंने कहा कि ऐसे कदमों से आने वाली पीढ़ियों को प्रदेश के राजनीतिक इतिहास और उन महान नेताओं के संघर्षों को जानने का अवसर मिलेगा, जिन्होंने संगठन और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में स्वर्गीय पूरन चंद्र शर्मा के छोटे भाई गिरीश चंद्र शर्मा ने अपने बड़े भाई को याद करते हुए कहा कि आज उनकी जयंती पर उन्हें स्मरण करना भावुक क्षण है। उन्होंने “विरासत हमर अल्मोड़ा” संस्था की सराहना करते हुए कहा कि संस्था द्वारा पुराने जनसंघ और भाजपा कार्यकर्ताओं एवं नेताओं की स्मृतियों को पुनर्जीवित करने का जो अभियान चलाया जा रहा है, वह अत्यंत प्रेरणादायक और अनुकरणीय है।
उन्होंने कहा कि संगठन को खड़ा करने वाले अनेक कार्यकर्ताओं और नेताओं ने अपना पूरा जीवन समाज और राष्ट्र सेवा में समर्पित कर दिया। ऐसे लोगों के परिवारों को सम्मान देना और उनके योगदान को याद रखना समाज का नैतिक दायित्व है।
गिरीश चंद्र शर्मा ने सुझाव दिया कि भविष्य में जनसंघ और भाजपा के पुराने कार्यकर्ताओं तथा उनके परिवारों की एक विशेष गोष्ठी आयोजित की जानी चाहिए। इससे युवा पीढ़ी को संगठन के इतिहास, संघर्ष और मूल विचारों को समझने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने स्वर्गीय पूरन चंद्र शर्मा के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि उनका जीवन जनसेवा, संगठन निर्माण और राष्ट्रहित के लिए समर्पित रहा, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि “विरासत हमर अल्मोड़ा” भविष्य में भी अल्मोड़ा और उत्तराखंड की उन विभूतियों को सम्मानित करने का कार्य जारी रखेगी, जिन्होंने समाज, संगठन और प्रदेश के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजीव गुरुरानी, ईश्वर उपाध्याय, इंदर सिंह नेगी, पूर्व सभासद दीपक वर्मा, कृष्णा तिलारा, कमलेश सनवाल, हरीश जीना, सुरेश शर्मा सहित अनेक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री पूरन चंद्र शर्मा की जयंती पर श्रद्धांजलि सभा, योगदान को संरक्षित करने की उठी मांग
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