अल्मोड़ा। कुमाऊं महोत्सव को लेकर अल्मोड़ा में एक नया विवाद सामने आया है। श्री राम समिति एवं कुमाऊं महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र तिवारी ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा को एक शिकायती पत्र सौंपकर कथित पत्रकारों पर महोत्सव की छवि धूमिल करने, आयोजकों को मानसिक रूप से परेशान करने तथा निजी स्वार्थों के लिए दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि जीआईसी मैदान में आयोजित कुमाऊं महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, बच्चों की प्रतियोगिताओं और सामाजिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अनेक संस्थाओं एवं समाजसेवियों का सहयोग प्राप्त हो रहा है। समिति का आरोप है कि कुछ कथित पत्रकार लगातार कार्यक्रम की कमियों को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत कर रहे हैं और आयोजकों के खिलाफ माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं।शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा पूर्व में भी विभिन्न आयोजनों के दौरान इसी प्रकार का व्यवहार किया गया और आयोजकों पर अनावश्यक दबाव बनाने की कोशिश की गई। समिति ने यह भी दावा किया है कि ऐसे कृत्यों से न केवल आयोजन प्रभावित हो रहा है, बल्कि पत्रकारिता की साख और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।समिति अध्यक्ष ने पत्र में कहा है कि अल्मोड़ा की पत्रकारिता की एक गौरवशाली परंपरा रही है, जहां निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता ने समाज को दिशा देने का कार्य किया है। ऐसे में कुछ कथित व्यक्तियों की गतिविधियां पूरे पत्रकार समाज की छवि को धूमिल करने का कार्य कर रही हैं, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
समिति ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। शिकायत की प्रतिलिपि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला सूचना अधिकारी तथा प्रेस क्लब अल्मोड़ा को भी भेजी गई है।
हालांकि, शिकायत पत्र में लगाए गए आरोप एक पक्ष के दावे हैं। दूसरे पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आना अभी शेष है। ऐसे में मामले की सच्चाई प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।फिलहाल इस शिकायत ने अल्मोड़ा में पत्रकारिता की विश्वसनीयता, जवाबदेही और पेशे की गरिमा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
तथाकथित पत्रकार पर अवैध वसूली का आरोप, महोत्सव समिति ने कार्यवाही की उठाई मांग।
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