
अल्मोड़ा:
जनपद अल्मोड़ा में सिगरेट और पान मसाला के फुटकर विक्रेताओं ने थोक व्यापारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विक्रेताओं का आरोप है कि ITC Limited सहित अन्य पान मसाला कंपनियों के थोक डीलर लंबे समय से प्रिंट रेट से अधिक मूल्य पर उत्पाद बेच रहे हैं, जिससे छोटे दुकानदारों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
फुटकर विक्रेताओं के अनुसार, थोक स्तर पर ही अधिक कीमत वसूले जाने के कारण उन्हें मजबूरन महंगे दाम पर सामान खरीदना पड़ रहा है। ऐसे में वे या तो ग्राहकों को अधिक कीमत पर सामान बेचने को विवश होते हैं या फिर खुद घाटा सहन करते हैं। दोनों ही स्थितियों में छोटे व्यापारियों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
इस संबंध में विक्रेताओं ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन भी सौंपा है। ज्ञापन में थोक व्यापारियों की कथित मनमानी, प्रिंट रेट से अधिक वसूली और बिना जीएसटी बिल के लेनदेन जैसे मामलों की जांच की मांग की गई है। व्यापारियों का कहना है कि यदि इस प्रकार की अनियमितताओं पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो छोटे दुकानदारों का व्यवसाय प्रभावित होगा।
विक्रेताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि कई थोक डीलर निर्धारित नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं और पारदर्शिता के बिना व्यापार कर रहे हैं। इससे न केवल खुदरा व्यापारियों को नुकसान हो रहा है, बल्कि सरकार को मिलने वाले राजस्व पर भी असर पड़ सकता है।
इसी मुद्दे को लेकर अब फुटकर विक्रेताओं ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। जानकारी के अनुसार, 11 अप्रैल 2026 को प्रातः 11:00 बजे अल्मोड़ा के चौघान पाटा में सभी विक्रेता एकत्रित होंगे और ITC Limited एवं अन्य गुटखा कंपनियों के खिलाफ पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
विक्रेताओं का कहना है कि यह विरोध प्रदर्शन उनकी मजबूरी का परिणाम है और वे चाहते हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करे। उनका कहना है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
स्थानीय व्यापारियों और संगठनों ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि बाजार में निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था बनाए रखना आवश्यक है, ताकि छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा की जा सके।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और फुटकर विक्रेताओं की शिकायतों का समाधान किस प्रकार किया जाता है। फिलहाल, 11 अप्रैल को होने वाले विरोध प्रदर्शन को लेकर बाजार क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है।



