देवभूमि सफाई कर्मचारी संघ और निकाय कर्मचारी संघ की बैठक में कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, कहा—दबाव में नहीं होगा काम, नियमों से चलेगा निगम
अल्मोड़ा। नगर निगम अल्मोड़ा में 25 जुलाई को आयोजित बोर्ड बैठक की गूंज अब कर्मचारियों के बीच खुलकर सुनाई देने लगी है। 27 जुलाई को नगर निगम सभागार में आयोजित देवभूमि उत्तराखण्ड सफाई कर्मचारी संघ एवं निकाय कर्मचारी संघ की संयुक्त बैठक में कर्मचारियों ने कई ऐसे मुद्दे उठाए, जिन्होंने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। बैठक में आरोप लगाया गया कि कुछ पार्षद लगातार कर्मचारियों पर दबाव बना रहे हैं, अभद्र व्यवहार कर रहे हैं तथा विभागीय कार्यों में अनुचित हस्तक्षेप कर रहे हैं।
बैठक की अध्यक्षता उत्तराखण्ड देवभूमि सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री राजपाल पवार ने की। बैठक में अध्यक्ष दीपक चन्देल, निकाय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष पुष्कर सिंह बिष्ट सहित विभिन्न अनुभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
बैठक में कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि बोर्ड बैठक के दौरान कुछ पार्षदों ने कर्मचारियों से सीधे और अपमानजनक तरीके से संवाद किया। कर्मचारियों का कहना था कि यदि किसी कार्य को लेकर कोई आपत्ति है तो संवाद महापौर या नगर आयुक्त के माध्यम से होना चाहिए, न कि कर्मचारियों पर सार्वजनिक रूप से दबाव डालकर।
बैठक में दैनिक एवं आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठा। संघ ने कहा कि यदि बोर्ड को विभिन्न मदों में खर्च स्वीकृत करने का अधिकार है तो कम वेतन पर कार्य कर रहे कर्मचारियों का मानदेय भी बढ़ाया जाना चाहिए। संघ ने आउटसोर्स कर्मचारियों का न्यूनतम मानदेय 20 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग उठाई।
प्रशासनिक अधिकारी मुकेश भण्डारी ने कहा कि बोर्ड बैठक में तय एजेंडे पर चर्चा करने के बजाय अन्य विषयों पर बहस होती रही, जिससे बोर्ड की गरिमा प्रभावित हुई।
लेखा अनुभाग से जुड़े कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कुछ पार्षद पेंशन और स्वास्थ्य अनुभाग के कार्यों में सीधे हस्तक्षेप करते हैं तथा कर्मचारियों पर तत्काल कार्य करने का दबाव बनाते हैं। महिला कर्मचारियों ने इसे मानसिक उत्पीड़न बताते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की।
बिजली अनुभाग, कर अनुभाग, लाइसेंस अनुभाग, वर्क एजेंट तथा लाइनमैन सहित कई कर्मचारियों ने भी आरोप लगाया कि पार्षद नियमों से हटकर कार्य कराने का दबाव बनाते हैं, जिससे विभागीय व्यवस्था प्रभावित होती है।
बैठक में यह भी कहा गया कि सहायक अभियंता दीपक सिंह मटियाली की नियुक्ति को लेकर बोर्ड बैठक में की गई टिप्पणी अनुचित थी, क्योंकि उनकी नियुक्ति शासन और जिलाधिकारी के आदेशों के अनुरूप हुई है।
महिला कर्मचारियों ने नगर निगम कार्यालय में अलग महिला शौचालय की मांग उठाई। वहीं कर अनुभाग के कर्मचारियों ने कार्यालय के गोपनीय अभिलेखों को पार्षदों द्वारा देखने पर भी आपत्ति जताई।
संघ ने स्पष्ट कहा कि विभागीय कार्यों में बढ़ता राजनीतिक हस्तक्षेप कर्मचारियों के मनोबल को प्रभावित कर रहा है। कर्मचारियों ने प्रशासन से नियम आधारित कार्य संस्कृति सुनिश्चित करने तथा कर्मचारियों को अनावश्यक दबाव से मुक्त रखने की मांग की।
बैठक के अंत में प्रदेश महामंत्री राजपाल पवार ने कहा कि सभी कर्मचारी टीम भावना से कार्य करें, लेकिन किसी भी प्रकार के दबाव में आकर नियमों के विरुद्ध कोई कार्य न करें।



