**ओपन माइक, साइफर, रचनात्मक कार्यशालाओं और डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन से सजेगा तीन दिवसीय महोत्सव**
**अल्मोड़ा।** पहाड़ की साहित्यिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत और समकालीन अभिव्यक्ति को व्यापक मंच देने के उद्देश्य से अल्मोड़ा लिट्रेचर फेस्टिवल का चौथा संस्करण 30 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक ऐतिहासिक मल्ला महल में आयोजित किया जाएगा। ग्रीन हिल्स ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस महोत्सव में साहित्य, पर्यावरण, कला, सिनेमा और पत्रकारिता से जुड़े 40 से अधिक सत्र आयोजित होंगे। इस वर्ष आयोजन का विशेष जोर युवाओं को केवल दर्शक के रूप में नहीं, बल्कि वैचारिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के सक्रिय सहभागी के रूप में जोड़ने पर रहेगा।
महोत्सव में ओपन माइक और साइफर जैसे मंच युवाओं को अपनी रचनात्मक प्रतिभा, विचार, संगीत और अभिव्यक्ति प्रस्तुत करने का अवसर देंगे। आयोजन की एक विशेष पहल के तहत पैनल चर्चाओं के लगभग 70 प्रतिशत संचालन की जिम्मेदारी युवा मॉडरेटरों को दी जाएगी। इससे विभिन्न विषयों पर होने वाले विमर्श में नई पीढ़ी के विचारों और दृष्टिकोण को प्रमुखता मिलेगी।
**रचनात्मक कार्यशालाओं और फिल्मों के जरिए संस्कृति से जुड़ेंगे युवा**
प्रतिभागियों के लिए एम्ब्रॉयडरी और मंडाला आर्ट सहित विभिन्न रचनात्मक कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इनके माध्यम से लोगों को नई कलाएं सीखने और अपनी रचनात्मक क्षमता को निखारने का अवसर मिलेगा। फिल्म और डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग भी महोत्सव का प्रमुख हिस्सा होंगी। इनमें उत्तराखंड के युवाओं द्वारा निर्मित डॉक्यूमेंट्री ‘अमरकथा: अल्मोड़ा की रामलीला’ विशेष आकर्षण रहेगी। यह प्रस्तुति स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं और रामलीला की विरासत को दृश्य माध्यमों के जरिए नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है।
बच्चों और स्कूली विद्यार्थियों के लिए भी कला, लोककथाओं, नुक्कड़ नाटक और ओपन माइक जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस तरह महोत्सव को सभी आयु वर्गों के लिए सहभागितापूर्ण और रचनात्मक मंच बनाने की तैयारी है।
**हिमालयी पर्यावरण और सांस्कृतिक विरासत पर होगा संवाद**
हिमालयी पारिस्थितिकी, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन से जुड़े विषयों पर विशेष पैनल चर्चाएं तथा फोटो टॉक सत्र आयोजित किए जाएंगे। जयमित्र बिष्ट और हर्षित रौतेला के फोटो टॉक के माध्यम से हिमालयी पर्यावरण, प्राकृतिक विरासत और जनजीवन के विविध पहलुओं को सामने लाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, मानवविज्ञानी एवं इतिहासकार लोकेश ओहरी के नेतृत्व में ‘चलमोड़ा’ और छायाकार जयमित्र बिष्ट के नेतृत्व में ‘वॉक टू नौला’ जैसे हेरिटेज वॉक आयोजित किए जाएंगे। इनके माध्यम से प्रतिभागियों को अल्मोड़ा के ऐतिहासिक स्थलों, पारंपरिक जलस्रोतों, स्थापत्य और सांस्कृतिक पहचान को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
महोत्सव में प्रख्यात गीतकार एवं प्रसार भारती के अध्यक्ष प्रसून जोशी, अभिनेता अनंत विजय जोशी, शास्त्रीय नृत्यांगना मालती श्याम, हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक रवि जोशी, पत्रकार कुलदीप मिश्रा, लेखक एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी संजीव चोपड़ा सहित कई प्रतिष्ठित हस्तियां भाग लेंगी। गायक एवं रैपर रोहन पांगती और तरुण बिष्ट भी समकालीन संगीत और युवा अभिव्यक्ति को मंच प्रदान करेंगे।
हिंदी साहित्यकार शैलेश मटियानी के योगदान पर विशेष चर्चा भी आयोजित की जाएगी। इस तरह महोत्सव में साहित्य और कला के साथ पहाड़ की सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान तथा पर्यावरणीय चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श होगा।
महोत्सव के आयोजन को लेकर हुई प्रेस वार्ता में वसुंधरा पंत, विनायक पंत, दीपा गुप्ता, मनोज गुप्ता, डॉ. हामिद, भारत भूषण सहित अन्य लोग मौजूद रहे। आयोजकों की यह पहल अल्मोड़ा की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने और उत्तराखंड की साहित्यिक पहचान को व्यापक मंच प्रदान करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है।
अल्मोड़ा लिट्रेचर फेस्टिवल में युवाओं की होगी खास भागीदारी, साहित्य के साथ हिमालयी विरासत पर भी मंथन
Leave a Comment
Leave a Comment




