भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को पत्र भेजकर सोमेश्वर विधानसभा से टिकट देने का किया अनुरोध; 2002 में भी लड़ चुके हैं चुनाव
सोमेश्वर/अल्मोड़ा। उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। अल्मोड़ा जिले की सोमेश्वर विधानसभा सीट पर भाजपा की ओर से संभावित प्रत्याशियों को लेकर चर्चा के बीच पूर्व विधानसभा प्रत्याशी राजेश आर्य ने भी अपनी दावेदारी पेश की है। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को पत्र भेजकर आगामी विधानसभा चुनाव में सोमेश्वर सीट से पार्टी का प्रत्याशी घोषित किए जाने का अनुरोध किया है।
राजेश आर्य ने अपने पत्र में पार्टी और उससे जुड़े संगठनों में लंबे समय तक किए गए कार्यों, संगठनात्मक जिम्मेदारियों तथा क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर चलाए गए आंदोलनों का उल्लेख किया है। उनका कहना है कि संगठन के प्रति उनके समर्पण और अनुभव का आकलन करते हुए उन्हें आगामी चुनाव में पार्टी की ओर से अवसर दिया जाना चाहिए।
1991 से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहने का दावा
राजेश आर्य द्वारा प्रस्तुत बायोडाटा के अनुसार, वह वर्ष 1991 में राम जन्मभूमि आंदोलन के समय से भाजपा की गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने वर्ष 1995 में पार्टी की सदस्यता लेने का उल्लेख किया है। उनके विवरण में भाजपा युवा मोर्चा, अनुसूचित मोर्चा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा संगठनात्मक गतिविधियों में भागीदारी की जानकारी दी गई है।
बायोडाटा के अनुसार, उन्होंने वर्ष 1993 में तत्कालीन विकासखंड लमगड़ा क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सिंचाई, विद्युतीकरण और सड़क जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर आंदोलन किए। उन्होंने वर्ष 1995 में भी ग्रामीण समस्याओं और प्रशासनिक स्तर पर लंबित मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन तथा अनशन में भाग लेने का उल्लेख किया है।
2002 में सोमेश्वर से भाजपा प्रत्याशी रह चुके हैं
राजेश आर्य की दावेदारी का एक महत्वपूर्ण पहलू उनका पूर्व चुनावी अनुभव है। उनके बायोडाटा के अनुसार, वर्ष 2002 में वह सोमेश्वर विधानसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी रहे थे। उन्होंने उस चुनाव में 437 मतों के अंतर से हार का उल्लेख किया है।
इसके बाद भी वह पार्टी संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाते रहे। उनके विवरण में वर्ष 1997 में भाजपा युवा मोर्चा के जिला मंत्री, वर्ष 2012 में भाजपा अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश महामंत्री, वर्ष 2015 में प्रदेश प्रशिक्षण प्रमुख और वर्ष 2017 में जिला प्रशिक्षण प्रमुख जैसे पदों का उल्लेख है।
उन्होंने वर्ष 2020 में भाजपा के आपदा राहत एवं सहयोग विभाग में प्रदेश सह-संयोजक के रूप में कार्य करने तथा वर्ष 2022 में चंपावत विधानसभा उपचुनाव के दौरान प्रवासी कार्यकर्ता की जिम्मेदारी निभाने का भी उल्लेख किया है।
क्षेत्रीय मुद्दों पर आंदोलनों का किया उल्लेख
राजेश आर्य ने अपने बायोडाटा में सोमेश्वर क्षेत्र से जुड़े सड़क, पेयजल और ग्रामीण विकास के मुद्दों को लेकर किए गए आंदोलनों का विवरण दिया है। उनके अनुसार, वर्ष 2005 में सोमेश्वर-गैरसैंण-बागेश्वर मोटर मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन किया गया था। इसी दौरान बसौली क्षेत्र में पेयजल समस्या और राजकीय उद्यान के निजीकरण के विरोध से जुड़े आंदोलन का भी उल्लेख किया गया है।
उन्होंने वर्ष 2008 में अल्मोड़ा में हत्या के एक मामले के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन में भागीदारी तथा वर्ष 2009 में सोमेश्वर क्षेत्र में एकल विद्यालय अभियान और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ाव की जानकारी दी है।
रेखा आर्या के टिकट पर भी रहेगी नजर
सोमेश्वर की वर्तमान विधायक एवं कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की आगामी चुनाव में उम्मीदवारी को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं हो सकती हैं। उनके निजी जीवन से जुड़े हालिया विवादों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि भाजपा आगामी चुनाव में मौजूदा विधायक पर भरोसा कायम रखेगी या किसी नए चेहरे को अवसर देगी।
हालांकि, भाजपा ने अभी सोमेश्वर सीट के लिए वर्ष 2027 के प्रत्याशी की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। रेखा आर्या के टिकट में बदलाव या राजेश आर्य को उम्मीदवार बनाए जाने के संबंध में भी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
संगठनात्मक अनुभव के आधार पर मांगा अवसर
राजेश आर्य ने अपने पत्र में पार्टी के प्रति अपने लंबे जुड़ाव और संगठनात्मक कार्यों का उल्लेख करते हुए भाजपा नेतृत्व से उनकी दावेदारी पर विचार करने का अनुरोध किया है। अब यह पार्टी नेतृत्व पर निर्भर करेगा कि वह सोमेश्वर सीट के लिए प्रत्याशी चयन के दौरान उनके अनुभव और दावेदारी को किस तरह देखता है।
आगामी चुनाव में उम्मीदवार चयन के दौरान संगठनात्मक योगदान, स्थानीय जनसमर्थन, चुनावी प्रदर्शन और क्षेत्रीय समीकरण महत्वपूर्ण हो सकते हैं। फिलहाल सोमेश्वर सीट पर भाजपा के संभावित प्रत्याशियों को लेकर चर्चाएं जारी हैं और अंतिम निर्णय पार्टी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।
सोमेश्वर में 2027 के चुनाव को लेकर हलचल, भाजपा से राजेश आर्य ने पेश की दावेदारी
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