डॉक्टर, दवा और 24 घंटे आकस्मिक चिकित्सा सेवा सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग; मांग पूरी नहीं होने पर क्रमिक अनशन की चेतावनी
भैंसियाछाना। क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर गुरुवार को उत्तराखंड क्रांति दल के नेतृत्व में भैंसियाछाना में धरना-प्रदर्शन किया गया। यूकेडी नेता विनय किरोला के नेतृत्व में आयोजित धरने में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने भाग लिया और स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
धरने को संबोधित करते हुए विनय किरोला ने कहा कि भैंसियाछाना क्षेत्र की जनता लंबे समय से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग करती आ रही है, लेकिन आज भी ग्रामीणों को सामान्य उपचार से लेकर आकस्मिक चिकित्सा तक के लिए दूर-दराज के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्र में एएनएम की नियुक्ति, आवश्यक दवाइयों की नियमित उपलब्धता, 24 घंटे आकस्मिक चिकित्सा सेवा, प्रसव पीड़ित महिलाओं के उपचार की समुचित व्यवस्था, एक्स-रे मशीन, पर्याप्त एंटी-वेनम तथा खून की जांच की सुविधा उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्र के ग्रामीणों को छोटी-बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए बाहर जाने को मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। “डॉक्टर दो, दवा दो—सेराघाट को हक दो” क्षेत्र की जनता की वास्तविक मांग है।
धरने के दौरान ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए एक माह का समय दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित अवधि में मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई और स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। इसके बाद आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।
ग्रामीणों ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधा किसी भी क्षेत्र के विकास की मूल आवश्यकता है। भैंसियाछाना जैसे दूरस्थ क्षेत्र में उपचार के लिए लंबी दूरी तय करने से सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को उठानी पड़ती है। ऐसे में क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का होना बेहद जरूरी है।
देर शाम धरना स्थल पर पहुंचे प्रभारी चिकित्सक को ग्रामीणों की ओर से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर, दवाइयां, 24 घंटे आकस्मिक चिकित्सा सेवा, प्रसव संबंधी उपचार, एक्स-रे, एंटी-वेनम और रक्त जांच सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं एक माह के भीतर उपलब्ध कराने की मांग की गई। ग्रामीणों ने कहा कि समय सीमा के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए सरकार और प्रशासन को मांगें पूरी करने के लिए मजबूर किया जाएगा।
उत्तराखंड क्रांति दल के जिला अध्यक्ष दिनेश जोशी ने कहा कि क्षेत्र की जनता की मांगें पूरी तरह जायज हैं और यूकेडी उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने निर्धारित समय में सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो क्रमिक अनशन और उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने “सेराघाट का हक, सेराघाट में उपचार—हमारा अधिकार” सहित विभिन्न नारों के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद की।
इस दौरान यूकेडी जिला अध्यक्ष दिनेश जोशी, यूकेडी नेता विनय किरोला, केंद्रीय मंत्री गिरीश नाथ गोस्वामी, प्रधान भैंसियाछाना रूपा मेहता, पूर्व प्रधान जगत सिंह वाणी, सुंदर मेहता, केसर सिंह मेहता, पूर्व प्रधान लिंगुड़ता वीरेंद्र सिंह, मोहन सिंह, दीवान सिंह, इंद्र सिंह, दीपा वर्मा, चन्द्रा मेहता, गणेश सिंह, आशीष भट्ट, कुंदन सिंह, संजय सिंह चम्याल, नीरज सिंह चम्याल, मोहन सिंह खड़ाई, हेम चंद्र पांडे, केसर सिंह बोरा, गणेश उलसाई, दीपक बिष्ट, पंकज पांडे, दीवान सिंह मेहता, अक्षय टम्टा, सुरेश कुमार, हयात सिंह, राजेंद्र प्रसाद, राजू पांडे, वीरेंद्र बिष्ट, इंद्र नेगी, राजू गेड़ा, जगत सिंह मेहता, होशियार सिंह, कृपाल सिंह, देवेंद्र डसीला, तेज राम, राकेश सिंह रावत, मनोज नेगी, ललित नेगी, महिपाल सिंह, सुरेश सिंह सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
भैंसियाछाना में स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर यूकेडी का धरना, एक माह का अल्टीमेटम
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