अल्मोड़ा। संस्कार सांस्कृतिक समिति द्वारा आयोजित किए जाने वाले जय गोलज्यू महोत्सव-2026 की तैयारियों को लेकर मयंक पैलेस में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पिछले वर्ष आयोजित महोत्सव की समीक्षा के साथ इस वर्ष के आयोजन को अधिक व्यवस्थित, भव्य और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाने को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित समिति के सदस्यों एवं पदाधिकारियों ने महोत्सव को सफल बनाने के लिए सामूहिक सहभागिता और सहयोग का संकल्प लिया।
बैठक की अध्यक्षता मनोज सनवाल ने की। बैठक के प्रारंभ में वर्ष 2025 में आयोजित जय गोलज्यू महोत्सव के आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया गया। समिति की ओर से बताया गया कि पिछले वर्ष महोत्सव के आयोजन के लिए लगभग 7 लाख 69 हजार रुपये की धनराशि प्राप्त हुई थी, जबकि आयोजन में 12 लाख रुपये से अधिक का खर्च आया। इस पर चर्चा करते हुए आगामी आयोजन में खर्चों को नियंत्रित करने, उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने तथा आर्थिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के सुझाव दिए गए।
बैठक में इस वर्ष के महोत्सव के लिए राजनेताओं एवं जनप्रतिनिधियों से सहयोग प्राप्त करने पर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने कहा कि गोलज्यू देवता की आस्था और लोक संस्कृति से जुड़े इस आयोजन को व्यापक स्वरूप देने के लिए समाज के विभिन्न वर्गों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों का सहयोग आवश्यक है। समिति की ओर से सभी संभावित सहयोगकर्ताओं से संपर्क कर महोत्सव को सफल बनाने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक में वर्ष 2025-26 के आयोजन के दौरान सामने आई विभिन्न कमियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। सदस्यों ने कहा कि पिछले आयोजन से प्राप्त अनुभवों के आधार पर इस वर्ष उन कमियों को दूर किया जाएगा। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, आर्थिक प्रबंधन और दर्शकों की सुविधा सहित विभिन्न पहलुओं में आवश्यक सुधार किए जाने का निर्णय लिया गया।
गोलज्यू देवता की गाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर बैठक में विशेष जोर दिया गया। इसके लिए बच्चों को गोलज्यू देवता की गाथा, लोक मान्यताओं, इतिहास और सांस्कृतिक महत्व से परिचित कराने की योजना बनाई गई है। इस वर्ष बच्चों को भी कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से शामिल किया जाएगा और उनके माध्यम से गोलज्यू की गाथा का व्याख्यान कराया जाएगा। समिति का मानना है कि नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना महोत्सव का महत्वपूर्ण उद्देश्य होना चाहिए।
बैठक में बैर (भगनोल), चांचरी सहित कुमाऊं की पारंपरिक लोक विधाओं को मंच प्रदान करने के साथ-साथ अन्य राज्यों की संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों को भी महोत्सव में शामिल करने का सुझाव आया। सदस्यों ने कहा कि इससे जहां स्थानीय लोक संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरे प्रदेशों की सांस्कृतिक विविधता को समझने और आपसी सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने का अवसर भी मिलेगा।
बैठक में गोलज्यू जागर का आयोजन कराने का प्रस्ताव भी रखा गया। सदस्यों ने गोलज्यू देवता से जुड़ी लोक परंपराओं और धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को कार्यक्रम का हिस्सा बनाने पर सहमति जताई। इसके अलावा गोलज्यू देवता की गाथा, लोक विश्वास और सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया।
महोत्सव को इस वर्ष पहले से अधिक भव्य, आकर्षक और व्यवस्थित बनाने पर सभी सदस्यों ने सहमति व्यक्त की। साथ ही आयोजन में अनावश्यक खर्च को कम करने और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। सदस्यों ने कहा कि महोत्सव की भव्यता केवल खर्च बढ़ाने से नहीं, बल्कि बेहतर योजना, सामूहिक सहभागिता और स्थानीय संस्कृति को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने से सुनिश्चित होगी।
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने महोत्सव की सफलता के लिए बढ़-चढ़कर भागीदारी करने और हरसंभव सहयोग देने का संकल्प लिया। समिति ने आगामी दिनों में महोत्सव की विभिन्न व्यवस्थाओं और कार्यक्रमों को अंतिम रूप देने के लिए आवश्यक तैयारियां तेज करने का निर्णय लिया।
बैठक की अध्यक्षता मनोज सनवाल ने की। इस अवसर पर दीवान सतवाल, प्रकाश बिष्ट, अनिल धवन, हरीश कनवाल, प्रीति बिष्ट, कपिल मल्होत्रा, अनिल सनवाल, ममता कपूर, रवि रौतेला, अर्जुन सिंह बिष्ट चीमा, मनोज जोशी, मयंक रौतेला, देवेंद्र भट्ट, दिनेश भट्ट, ललित मोहन बिष्ट, संदीप नयाल सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
समिति के अनुसार जय गोलज्यू महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रहकर लोक संस्कृति, परंपरा, कला और नई पीढ़ी के बीच सेतु का कार्य करे, इसी उद्देश्य के साथ इस वर्ष कार्यक्रम को नया स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है।
जय गोलज्यू महोत्सव-2026 को और भव्य बनाने की तैयारी, संस्कृति संरक्षण के साथ बच्चों को जोड़ा जाएगा
Leave a Comment
Leave a Comment



