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चौखुटिया ब्लॉक में आरोप-प्रत्यारोप तेज, हीरा सिंह बिष्ट ने दी सफाई
चौखुटिया। विकासखंड चौखुटिया में ब्लॉक प्रमुख चेतना नेगी और क्षेत्र पंचायत सदस्य हीरा सिंह बिष्ट के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। हाल ही में ब्लॉक प्रमुख द्वारा प्रेस वार्ता में लगाए गए आरोपों के बाद अब हीरा सिंह बिष्ट ने भी अपने होम स्टे में पत्रकार वार्ता आयोजित कर सभी आरोपों का खंडन किया और अपना पक्ष विस्तार से रखा।हीरा सिंह बिष्ट ने कहा कि 18 अप्रैल को 10 क्षेत्र पंचायत सदस्य मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के नाम ज्ञापन देने खंड विकास अधिकारी कार्यालय पहुंचे थे। यह ज्ञापन विकासखंड से जुड़ी समस्याओं को लेकर था, जिसमें कहीं भी ब्लॉक प्रमुख चेतना नेगी का नाम नहीं था और न ही उन पर कोई आरोप लगाया गया था। इसके बावजूद ब्लॉक प्रमुख द्वारा उन पर व्यक्तिगत आरोप लगाए जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कभी भी ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि के रूप में कार्यालय नहीं गए, बल्कि सांसद प्रतिनिधि के रूप में ही जाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि ठेकेदारी करना उनका पेशा है और उनका परिवार इसी पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि वे विभिन्न निर्माण एजेंसियों में विधिवत पंजीकृत हैं और पंचायत के माध्यम से किए गए सभी कार्य टेंडर प्रक्रिया के तहत हुए हैं। यदि किसी कार्य में अनियमितता होती तो संबंधित अधिकारी उसी समय रोक लगाते।हीरा सिंह बिष्ट ने सवाल उठाया कि यदि ब्लॉक प्रमुख के प्रतिनिधि द्वारा ठेकेदारी करना नियमों के विरुद्ध है, तो यह बात साढ़े तीन वर्षों बाद क्यों सामने लाई जा रही है। उन्होंने इसे प्रशासनिक निगरानी की कमी बताया और कहा कि इससे प्रतीत होता है कि ब्लॉक कार्यालयों का नियमित ऑडिट नहीं हो रहा है।उन्होंने अपने होम स्टे निर्माण को लेकर भी सफाई दी और बताया कि यह बैंक ऋण लेकर बनाया गया है। मनरेगा के तहत दीवार निर्माण के आरोपों को निराधार बताते हुए उन्होंने कहा कि संबंधित दीवार उनके खेत में होम स्टे बनने से तीन वर्ष पूर्व बनाई गई थी, जिसके लिए उन्होंने विधिवत आवेदन किया था।हीरा सिंह बिष्ट ने ब्लॉक प्रमुख पर पलटवार करते हुए कहा कि 7 मार्च को एनआरएलएम के तहत आयोजित बीबीएम परीक्षा के दौरान ब्लॉक प्रमुख स्वयं परीक्षा हाल में मौजूद थीं, जिसकी जांच उच्च स्तर पर होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान कार्यकाल में योजनाओं के सूचना बोर्डों में लागत से अधिक राशि की कटौती की जा रही है, जो जांच का विषय है।उन्होंने कहा कि जब उनकी पत्नी ब्लॉक प्रमुख थीं, तब चेतना नेगी स्वयं क्षेत्र पंचायत सदस्य थीं और उन्होंने उस समय 16 से अधिक विकास कार्य किए। लेकिन वर्तमान में ब्लॉक प्रमुख बनने के बाद 10 बीडीसी सदस्यों के साथ भेदभाव किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस संबंध में सभी प्रभावित सदस्यों ने खंड विकास अधिकारी के माध्यम से मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन भेजा है।हीरा सिंह बिष्ट ने आरोप लगाया कि बीडीसी सदस्यों के साथ भेदभाव के मुद्दे को ब्लॉक प्रमुख द्वारा व्यक्तिगत और राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि लगाए गए आरोप सिद्ध नहीं किए जाते हैं, तो ब्लॉक प्रमुख सार्वजनिक रूप से माफी मांगें, अन्यथा वे मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे।वहीं ब्लॉक प्रमुख चेतना नेगी ने इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देने से फिलहाल इंकार कर दिया है।इस मामले में खंड विकास अधिकारी ममता कार्की ने बताया कि उन्हें भेदभाव के आरोप से संबंधित एक ज्ञापन प्राप्त हुआ था, जो मुख्य विकास अधिकारी के नाम था। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी है और सभी योजनाएं खुली बैठकों में ग्राम प्रधानों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर तैयार की जाती हैं।उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य योजनाएं बिना किसी भेदभाव के बनाई जाती हैं और विभाग किसी भी प्रकार के दबाव में काम नहीं करता है और आगे भी निष्पक्ष तरीके से कार्य करता रहेगा।वर्तमान स्थिति में चौखुटिया ब्लॉक में यह विवाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां एक ओर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में जांच और आगे की कार्रवाई की दिशा तय होने की संभावना है।



