
अल्मोड़ा।
अल्मोड़ा जनपद के चाण गांव निवासी अधिवक्ता विनोद तिवारी ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित UGC-NET (Law) परीक्षा को पीएचडी श्रेणी में उत्तीर्ण कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। यह परीक्षा देशभर में आयोजित की जाती है और इसे विधि विषय में अकादमिक उत्कृष्टता, संवैधानिक समझ तथा कानून के सैद्धांतिक और व्यावहारिक पक्षों पर मजबूत पकड़ का मानक माना जाता है।
विनोद तिवारी वर्तमान में उत्तराखंड उच्च न्यायालय, नैनीताल में अधिवक्ता के रूप में कार्यरत हैं। उनकी इस उपलब्धि से गांव चाण सहित आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल है। बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें बधाइयाँ और शुभकामनाएँ दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए विनोद तिवारी ने इसका श्रेय अपने माता-पिता के आशीर्वाद और क्षेत्रवासियों के स्नेह व सहयोग को दिया। उनके पिता शंकर दत्त तिवारी किसान हैं, जबकि माता कमला तिवारी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने शिक्षा को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता दी, जिसके परिणामस्वरूप आज यह महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है।
UGC-NET (Law) परीक्षा का पीएचडी श्रेणी में उत्तीर्ण होना विधि विषय में शोध एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है। यह परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध कार्य एवं अध्यापन के अवसर प्राप्त होते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह सफलता विनोद तिवारी की मेहनत, अनुशासन और विधि विषय के प्रति उनकी गहरी रुचि को दर्शाती है।
इस अवसर पर पूर्व हाईकोर्ट बार एसोसिएशन उत्तराखंड के प्रभाकर जोशी सहित अनेक वरिष्ठ अधिवक्ताओं, सहयोगियों और सामाजिक संगठनों ने विनोद तिवारी को बधाई दी। अधिवक्ताओं ने कहा कि यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और इससे क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों को भी उच्च लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा मिलेगी।
क्षेत्रवासियों ने आशा व्यक्त की है कि विनोद तिवारी भविष्य में भी विधि, न्याय और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देंगे तथा अपने ज्ञान और अनुभव से समाज को नई दिशा प्रदान करेंगे।


