पूर्व विधायक कैलाश शर्मा ने किया मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान, परशुराम के अभिनय ने बटोरीं खूब तालियां
अल्मोड़ा। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा और समूचे कुमाऊं की प्राचीन एवं ऐतिहासिक रामलीलाओं में विशेष स्थान रखने वाली श्री नंदादेवी रामलीला के तृतीय दिवस पर सीता स्वयंवर और परशुराम-लक्ष्मण संवाद का प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों के सजीव अभिनय, आकर्षक मंच सज्जा और शानदार संवाद अदायगी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से परशुराम की भूमिका निभा रहे हर्षु जोशी के दमदार अभिनय पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, विशिष्ट अतिथि दर्जा राज्य मंत्री गोविन्द पिल्खवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, होटल एसोसिएशन अल्मोड़ा के जिलाध्यक्ष अरुण वर्मा तथा कूर्मांचल नगर सहकारी बैंक अल्मोड़ा के शाखा प्रबंधक हिमांशु साह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक कैलाश शर्मा ने रामलीला मंच से उपस्थित रामभक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन आदर्श, त्याग, मर्यादा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। वर्तमान पीढ़ी को रामलीला के माध्यम से इन आदर्शों को आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में रामलीला देखने और प्रभु श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की।
रामलीला मंचन का शुभारंभ श्रीराम स्तुति से हुआ। लीला प्रारंभ होने से पूर्व छोटे-छोटे बच्चों ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद सीता स्वयंवर का मंचन हुआ, जिसमें विभिन्न राजाओं के संवाद और धनुष यज्ञ के प्रसंग ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं, परशुराम-लक्ष्मण संवाद के दौरान कलाकारों की संवाद अदायगी और भाव-भंगिमाओं ने मंचन को प्रभावशाली बना दिया।
जनक की भूमिका शशि मोहन पांडे, विश्वामित्र की राजेंद्र रौतेला, राम की द्रोण नेगी, लक्ष्मण की अविरल जोशी और सीता की किरन परगाई ने निभाई। सुनैना के पात्र में मीनाक्षी हरबोला, रावण के पात्र में हरि विनोद साह और बाणासुर के पात्र में मुरली कांडपाल नजर आए। बंदीजन की भूमिका शेखर सिजवाली और संजय जोशी ने निभाई। नेपाली राजा के रूप में कुलदीप मेर, कुमाऊंनी राजा के रूप में अभिनव मेहरा, कालाधारी राजा के रूप में अर्जुन सिंह बिष्ट तथा घमंडी राजा के रूप में हिमांशु परगाई ने अभिनय किया। परशुराम की प्रभावशाली भूमिका हर्षु जोशी ने निभाई।
रामलीला कमेटी के मुख्य संयोजक प्रकाश पांडे, संयोजक संजय साह, उपाध्यक्ष चंद्र मोहन परगाई, महेंद्र सिंह बिष्ट और राजकुमार बिष्ट ने अतिथियों को राम प्रसादी भेंट की। कार्यक्रम का संचालन परितोष जोशी ने किया।
संगीत पक्ष में हारमोनियम पर राजन नयाल, अनिल सनवाल और दीपक रावत ने सहयोग दिया, जबकि तबले पर शेखर सिजवाली और अरशद अंसारी ने संगत की। पात्रों का मेकअप दानिश और राजू शर्मा ने किया। मंच पूजन नंदादेवी मंदिर के मुख्य पुजारी तारा दत्त जोशी ने संपन्न कराया।
मंच सज्जा में अतुल वर्मा, महेंद्र बिष्ट, संदीप साह, राजकुमार बिष्ट, कविश अरोरा, जगदीश बिष्ट और राजेश पंत ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके द्वारा तैयार जनक दरबार और परशुराम से संबंधित मंच सज्जा ने मंचन को आकर्षक बनाया। रामलीला निर्देशक गणेश मेर ने पर्दे के पीछे से पात्रों के क्रमबद्ध प्रवेश की व्यवस्था संभाली, जबकि हरीश बिष्ट और चंद्र मोहन परगाई ने कलाकारों को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। मंचन का सोशल मीडिया पर सीधा प्रसारण नमन बिष्ट ने किया।
मंदिर प्रांगण में पहुंचे दर्शकों को व्यवस्थित रूप से बैठाने में राजेश पालनी, दिनेश जोशी और कमेटी के कोषाध्यक्ष धनंजय साह ने सहयोग दिया।
इस अवसर पर नंदादेवी मंदिर कमेटी के अध्यक्ष मनोज वर्मा, उपाध्यक्ष एवं महानगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष तारा चंद्र जोशी, रामलीला कमेटी के संयोजक प्रकाश पांडे, दीपक वर्मा, अमरनाथ सिंह नेगी, सुभाष अग्रवाल, अमित उप्रेती, संगीता पांडे, पूनम पाठक, भावना पांडे, आयुष वर्मा, चित्रांक साह, मानवेंद्र साह, वरुण साह, सुमित साह, परीक्षित साह, मारूत साह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
नंदादेवी रामलीला में सीता स्वयंवर और परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने मोहा मन
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