भावना जोशी बनीं उपाध्यक्ष, सभी दस जिला सहकारी बैंकों में निर्विरोध बोर्ड गठन का दावा
अल्मोड़ा। उत्तराखंड में संपन्न सहकारिता चुनावों के बाद जिला सहकारी बैंकों के बोर्ड गठन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अल्मोड़ा जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद पर मिली लटवाल निर्विरोध निर्वाचित हुईं, जबकि भावना जोशी को उपाध्यक्ष चुना गया। अध्यक्ष पद पर मिली लटवाल का निर्वाचन महिला आरक्षण के तहत हुआ है। चुनाव प्रक्रिया में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और निदेशक पदों पर निर्विरोध निर्वाचन के बाद बैंक के नए बोर्ड का गठन किया गया।
सहकारिता विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार प्रदेश के सभी दस जिला सहकारी बैंकों में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष समेत विभिन्न पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। विभाग का कहना है कि प्रदेश में यह पहली बार है जब सभी दस जिला सहकारी बैंकों में निर्विरोध रूप से बोर्ड का गठन हुआ है। इसे सहकारिता क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
महिला आरक्षण के तहत अध्यक्ष बनीं मिली लटवाल
अल्मोड़ा जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद पर मिली लटवाल का निर्वाचन सहकारी संस्थाओं में लागू किए गए महिला आरक्षण के तहत हुआ है। सहकारिता क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से पहली बार 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू किया गया है।
प्रदेश के दस जिला सहकारी बैंकों में तीन अध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इसी व्यवस्था के तहत अल्मोड़ा जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष पद पर मिली लटवाल का निर्विरोध निर्वाचन हुआ।
महिला आरक्षण को लेकर विभाग का कहना है कि इससे सहकारी संस्थाओं के संचालन में महिलाओं की भागीदारी को संस्थागत रूप से बढ़ावा मिलेगा। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी संस्थाओं के माध्यम से महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी मिलने से महिला सशक्तीकरण को नई गति मिलने की उम्मीद जताई गई है।
भावना जोशी को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी
अल्मोड़ा जिला सहकारी बैंक में अध्यक्ष पद पर मिली लटवाल के साथ भावना जोशी को उपाध्यक्ष चुना गया। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के निर्विरोध निर्वाचन के बाद बैंक के संचालन के लिए नए बोर्ड का गठन किया गया।
सहकारी बैंक ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय स्तर पर वित्तीय गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में नए बोर्ड के सामने बैंक की कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाने, सहकारी समितियों को मजबूत करने तथा किसानों, ग्रामीणों और सहकारी संस्थाओं से जुड़े सदस्यों तक बैंकिंग सुविधाओं को बेहतर तरीके से पहुंचाने की जिम्मेदारी होगी।
सभी दस डीसीबी में निर्विरोध बोर्ड गठन
सहकारिता विभाग के अनुसार उत्तराखंड में कुल दस जिला सहकारी बैंक हैं और इन सभी में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा निदेशक पदों पर निर्विरोध निर्वाचन के बाद बोर्ड का गठन किया गया है।
विभाग की ओर से इसे प्रदेश के सहकारी इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया है। गढ़वाल मंडल के सभी छह जिला सहकारी बैंकों में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ। वहीं कुमाऊं मंडल के चारों जिला सहकारी बैंकों में भी निर्विरोध बोर्ड का गठन हुआ है।
इस प्रकार गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों के जिला सहकारी बैंकों में निर्विरोध निर्वाचन के बाद सहकारी संस्थाओं के संचालन के लिए नए बोर्ड अस्तित्व में आए हैं।
राज्य सहकारी बैंक के सामान्य निकाय के लिए चार प्रतिनिधि
उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड, हल्द्वानी के सामान्य निकाय के गठन के लिए अल्मोड़ा जिले से चार प्रतिनिधियों का चयन किया गया है। इनमें नरेंद्र राम, विमला देवी, महेश चंद्र सिंह एवं ललित मोहन सिंह लटवाल शामिल हैं।
इन प्रतिनिधियों की भूमिका राज्य सहकारी बैंक के सामान्य निकाय से जुड़े कार्यों में होगी। जिला स्तर से राज्य स्तर तक सहकारी संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित करने में सामान्य निकाय के प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।
प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन के लिए भी प्रतिनिधि चयनित
इसके अलावा उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन के सामान्य निकाय के लिए अल्मोड़ा जिले से पुष्पा भाकुनी एवं गणेश सिंह का चयन किया गया है।
इस तरह अल्मोड़ा जिले से जिला सहकारी बैंक के बोर्ड के साथ-साथ राज्य सहकारी बैंक और प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन के सामान्य निकायों के लिए भी प्रतिनिधियों का चयन हुआ है।
पहली बार 33 प्रतिशत महिला आरक्षण
सहकारिता चुनावों में इस बार महिला आरक्षण को विशेष महत्व दिया गया है। सहकारिता क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से पहली बार 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य महिलाओं को सहकारी संस्थाओं की निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रतिनिधित्व देना है। सहकारी समितियों और बैंकों का ग्रामीण अर्थव्यवस्था से सीधा संबंध होने के कारण महिला प्रतिनिधित्व बढ़ने से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक एवं संस्थागत भागीदारी को भी बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है।
महिला आरक्षण के तहत अध्यक्ष पदों पर महिलाओं का निर्वाचन सहकारी संस्थाओं में नेतृत्व की भूमिका में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सहकारिता मंत्री ने दी बधाई
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सभी निर्विरोध निर्वाचित अध्यक्षों, उपाध्यक्षों, निदेशकों तथा विभिन्न सहकारी संस्थाओं के लिए चयनित प्रतिनिधियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने और सहकारी संस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में निर्वाचित प्रतिनिधियों से कार्य करने की अपेक्षा जताई। विभाग की ओर से महिला आरक्षण को भी सहकारिता क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
निर्विरोध निर्वाचन के बाद बढ़ी जिम्मेदारी
अल्मोड़ा जिला सहकारी बैंक समेत प्रदेश के सभी जिला सहकारी बैंकों में निर्विरोध बोर्ड गठन के बाद अब निर्वाचित प्रतिनिधियों के सामने सहकारी संस्थाओं के संचालन और बैंकिंग सेवाओं को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी होगी।
जिला सहकारी बैंक किसानों, ग्रामीणों, सहकारी समितियों और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय संस्थान हैं। ऐसे में नए बोर्ड से बैंक की सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुलभ और प्रभावी बनाने की अपेक्षा रहेगी।
अल्मोड़ा में अध्यक्ष पद पर मिली लटवाल और उपाध्यक्ष पद पर भावना जोशी के निर्विरोध निर्वाचन के साथ बैंक के नए बोर्ड ने कार्यभार संभालने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। महिला आरक्षण के तहत अध्यक्ष पद पर महिला नेतृत्व को स्थान मिलने के साथ अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि नया बोर्ड सहकारिता क्षेत्र की योजनाओं और बैंक की सेवाओं को जमीनी स्तर तक किस तरह प्रभावी ढंग से पहुंचाता है।
जिला सहकारी बैंक अल्मोड़ा के अध्यक्ष पद पर मिली लटवाल निर्विरोध निर्वाचित
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